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भजन संहिता 53

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कोई भला करनेवाला नहीं

प्रधान बजानेवाले के लिए; महलत राग में। दाऊद का एक ज्ञान का भजन।

Chapter 53.

मूर्ख अपने मन में कहता है, “कोई परमेश्वर नहीं।” वे भ्रष्ट हैं, घिनौना अन्याय करते हैं; कोई भला करनेवाला नहीं।

हमारे परमपिता ने स्वर्ग से दृष्टि की सारी मानवजाति पर, कि देखें कि कोई समझनेवाला है या नहीं, कोई जो उनको ढूँढ़ता हो। वे सब भटक गए हैं; सब मिलकर भ्रष्ट हो गए हैं; कोई भला करनेवाला नहीं, एक भी नहीं।

क्या अनर्थ करनेवालों को कुछ ज्ञान नहीं — जो मेरी प्रजा को ऐसे खा जाते हैं जैसे रोटी खाते हैं, और हमारे परमपिता को नहीं पुकारते? वहाँ वे अत्यन्त भय से घबरा उठे, जहाँ भय का कोई कारण न था; क्योंकि हमारे परमपिता ने उसकी हड्डियाँ बिखेर दीं जिसने तेरे विरुद्ध छावनी डाली थी; तूने उन्हें लज्जित किया, क्योंकि हमारे परमपिता ने उन्हें त्याग दिया है।

भला होता कि इस्राएल का उद्धार सिय्योन से निकल आता! जब हमारे परमपिता अपनी प्रजा को बंधुआई से लौटा लाएँगे, तब याकूब मगन हो, इस्राएल आनन्दित हो।

A young man reading the Father's Heart Bible print edition in a coffee shop Now in Print

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