घमण्ड करने वाली जीभ
प्रधान गवैये के लिये। दाऊद का एक मश्कील। जब एदोमी दोएग ने आकर शाऊल को बताया, “दाऊद अहीमेलेक के घर आया है।”
52 1 हे वीर, तू बुराई पर क्यों घमण्ड करता है, हमारे परमपिता की करुणा दिन भर बनी रहती है।
2 तेरी जीभ विनाश की युक्तियाँ रचती है, तेज़ किए हुए उस्तरे के समान, हे छली। 3 तू भलाई से अधिक बुराई से प्रेम रखता है, और सच बोलने से अधिक झूठ से। सेला।
4 तू हर एक निगल जाने वाले वचन से प्रेम रखता है, हे छली जीभ। 5 परन्तु हमारे परमपिता तुझे सदा के लिये ढा देंगे; वे तुझे उखाड़कर तेरे तम्बू में से घसीट ले जाएँगे; वे तुझे जीवितों के देश से जड़ समेत उखाड़ फेंकेंगे। सेला।
6 धर्मी यह देखकर डर जाएँगे; और उस पर हँसकर कहेंगे, 7 “उस मनुष्य को देखो जिसने हमारे परमपिता को अपना शरणस्थान न बनाया, वरन् अपने बड़े धन पर भरोसा रखा और दूसरों का नाश करके सामर्थी बना।” 8 परन्तु मैं तो हरे जैतून के वृक्ष के समान हूँ हमारे परमपिता के भवन में; मैं हमारे परमपिता की करुणा पर सदा सर्वदा भरोसा रखता हूँ। 9 मैं सदा तेरा धन्यवाद करूँगा उसके लिये जो तूने किया है; तेरे भक्तों के सामने मैं तेरे नाम पर आशा रखूँगा, क्योंकि वह भला है।