दया के लिये दाऊद की पुकार
प्रधान बजानेवाले के लिये। दाऊद का एक भजन, जब वह बतशेबा के पास गया था और उसके बाद नातान भविष्यद्वक्ता उसके पास आया।
51 1 दया कर मुझ पर, हे मेरे परमपिता, अपनी करुणा के अनुसार; अपनी बड़ी दया के अनुसार मेरे अपराधों को मिटा दे। 2 मुझे मेरे अधर्म से भली भाँति धो, और मेरे पाप से मुझे शुद्ध कर। 3 क्योंकि मैं अपने अपराधों को जानता हूँ, और मेरा पाप निरन्तर मेरे सामने रहता है। 4 मैंने केवल तेरे ही विरुद्ध पाप किया है, और जो तेरी दृष्टि में बुरा है वही किया है, इसलिये तू अपने वचनों में धर्मी ठहरे और अपने न्याय में निष्कलंक रहे। 5 मैं अधर्म में उत्पन्न हुआ, और पाप में मेरी माता ने मुझे गर्भ में धारण किया। 6 तू तो अन्तःकरण में सच्चाई से प्रसन्न होता है, और मेरे मन के गुप्त स्थान में तू मुझे बुद्धि सिखाता है।
7 जूफा से मुझे शुद्ध कर, तब मैं शुद्ध हो जाऊँगा; मुझे धो, तब मैं हिम से भी अधिक श्वेत हो जाऊँगा। a a v7 जूफा एक छोटा झाड़ था जो पुराने नियम के शुद्धिकरण की विधियों में प्रयोग होता था — यहाँ यह पूर्ण शुद्धि का प्रतीक है। 8 मुझे हर्ष और आनन्द की बातें सुना; जिन हड्डियों को तूने तोड़ डाला है वे मगन हो जाएँ। 9 मेरे पापों की ओर से अपना मुँह फेर ले, और मेरे सारे अधर्म के कामों को मिटा दे।
10 हे मेरे परमपिता, मुझ में शुद्ध मन उत्पन्न कर, और मेरे भीतर स्थिर आत्मा नये सिरे से बना। 11 मुझे अपने सामने से निकाल न दे, और अपने पवित्र आत्मा को मुझ से न ले। 12 अपने उद्धार का आनन्द मुझे फिर से दे, और मुझे उदार आत्मा से सम्भाल।
13 तब मैं अपराधियों को तेरे मार्ग सिखाऊँगा, और पापी तेरी ओर फिरेंगे। 14 हे मेरे परमपिता, मेरे उद्धार के पिता, मुझे हत्या के दोष से छुड़ा, और मेरी जीभ तेरी धार्मिकता का ऊँचे स्वर से गीत गाएगी। 15 हे प्रभु परमपिता, मेरे होंठ खोल दे, और मेरा मुँह तेरी स्तुति सुनाएगा।
16 क्योंकि तू बलिदान से प्रसन्न नहीं होता, नहीं तो मैं देता; होमबलि से तू प्रसन्न नहीं होता। 17 मेरे परमपिता के बलिदान टूटा हुआ मन हैं; टूटे और पिसे हुए मन को, हे मेरे परमपिता, तू तुच्छ न जानेगा।
18 अपनी प्रसन्नता से सिय्योन का भला कर; यरूशलेम की शहरपनाह को बना। 19 तब तू धर्म के बलिदानों से प्रसन्न होगा, होमबलियों से, और सर्वांग होमबलियों से; तब तेरी वेदी पर बैल चढ़ाए जाएँगे।