एक नया गीत
149 1 हल्लिलूयाह! हमारे परमपिता के लिए एक नया गीत गाओ, भक्तों की सभा में उसकी स्तुति हो।
2 इस्राएल अपने रचनेवाले में आनन्दित हो; सिय्योन की सन्तान अपने राजा में मगन हो। 3 वे नाचते हुए उसके नाम की स्तुति करें, डफ और वीणा बजाकर उसके लिए संगीत करें। 4 क्योंकि हमारे परमपिता अपनी प्रजा से प्रसन्न रहते हैं; वे नम्र लोगों को उद्धार का मुकुट पहनाते हैं। a a v4 हमारे परमपिता अपनी प्रजा को केवल सहन ही नहीं करते — वे उनसे आनन्दित होते हैं, और अपने उद्धार से नम्र लोगों की शोभा बढ़ाते हैं। 5 भक्तजन इस महिमा में आनन्दित हों; वे अपने बिछौनों पर जयजयकार करें।
6 उनके मुख में हमारे परमपिता की ऊँची स्तुति हो, और उनके हाथ में दोधारी तलवार हो, 7 कि जातियों पर न्याय लाएँ और देश-देश के लोगों पर दण्ड लाएँ, 8 कि उनके राजाओं को साँकलों से बाँधें और उनके प्रधानों को लोहे की बेड़ियों से जकड़ें, 9 कि उन पर लिखा हुआ न्याय पूरा करें। यही उसके सब भक्तों की महिमा है। हल्लिलूयाह!