छुटकारे के लिए दाऊद की पुकार
दाऊद का शिग्गायोन, जिसे उसने बिन्यामीनी कूश के विषय में हमारे परमपिता के लिये गाया।
7 1 हे मेरे परमपिता, मैं तुझमें शरण लेता हूँ; मेरा पीछा करनेवाले सब से मुझे बचा, और मुझे छुड़ा, 2 ऐसा न हो कि वह सिंह के समान मुझे फाड़ डाले, और मुझे टुकड़े-टुकड़े कर डाले, और कोई छुड़ानेवाला न हो। 3 हे मेरे परमपिता, यदि मैंने यह किया हो — यदि मेरे हाथों में कुटिलता हो, 4 यदि मैंने अपने मित्र को बुराई का बदला दिया हो, या अपने शत्रु को अकारण लूटा हो — 5 तो शत्रु मेरा पीछा करके मुझे पकड़ ले, और मेरे प्राण को भूमि पर रौंद डाले और मेरी महिमा को धूल में मिला दे। सेला
6 हे मेरे परमपिता, अपने क्रोध में उठ; मेरे शत्रुओं की प्रचंडता के विरुद्ध खड़ा हो; मेरे लिये जाग — तूने न्याय ठहराया है। 7 देश-देश के लोगों की सभा तेरे चारों ओर इकट्ठी हो; उनके ऊपर तू ऊँचे स्थान पर विराजमान हो। 8 हमारे परमपिता जाति-जाति के लोगों का न्याय करते हैं। हे मेरे परमपिता, मेरी धार्मिकता के अनुसार और मुझ में जो खराई है उसके अनुसार मेरा न्याय चुका। 9 दुष्टों की बुराई का अन्त कर, परन्तु धर्मी को स्थिर रख — हे धर्मी परमपिता, तू ही मन और हृदय को जाँचता है। 10 मेरी ढाल मेरे परमपिता हैं, जो मन के सीधे लोगों को बचाते हैं। 11 हमारे परमपिता धर्मी न्यायी हैं, ऐसे परमेश्वर जो प्रतिदिन क्रोध करते हैं। 12 यदि कोई मन न फिराए, तो हमारे परमपिता अपनी तलवार पैनी करेंगे; उन्होंने अपना धनुष खींचकर तैयार कर लिया है। 13 उन्होंने अपने घातक हथियार तैयार कर लिए हैं; वे अपने तीरों को जलते हुए बाण बना देते हैं। 14 देखो, दुष्ट मनुष्य बुराई से गर्भवती है; वह उपद्रव से गर्भ धारण करता है और झूठ को जन्म देता है। 15 वह गड्ढा खोदकर गहरा करता है, परन्तु अपने ही बनाए गड्ढे में गिर पड़ता है। 16 उसका उपद्रव उसी के सिर पर लौट आता है; उसका अन्धेर उसी की खोपड़ी पर आ पड़ता है। 17 मैं अपने परमपिता की धार्मिकता के कारण उनका धन्यवाद करूँगा, और परमप्रधान अपने परमपिता के नाम का भजन गाऊँगा।