अंधकार में दाऊद की पुकार
प्रधान बजानेवाले के लिये; तारवाले बाजों के साथ, शमीनीत राग में। दाऊद का एक भजन।
6 1 हे मेरे परमपिता, अपने क्रोध में मुझे न झिड़क, और न अपने प्रकोप में मुझे ताड़ना दे। 2 हे मेरे परमपिता, मुझ पर अनुग्रह कर, क्योंकि मैं निर्बल हूँ; हे मेरे परमपिता, मुझे चंगा कर, क्योंकि मेरी हड्डियाँ भय से काँप रही हैं।
3 मेरा प्राण भय से काँप रहा है। पर हे मेरे परमपिता — कब तक? 4 हे मेरे परमपिता, मेरी ओर फिर लौट आ; मेरे प्राण को छुड़ा। अपनी वाचा की करुणा के कारण मुझे बचा ले।
5 क्योंकि मृत्यु में तेरा स्मरण नहीं होता; कब्र में कौन तेरा गुणगान करेगा?
6 मैं अपने कराहने से थक गया हूँ। रात भर मैं अपने बिछौने को आँसुओं से भिगोता हूँ; मैं उसे अपने रोने से तर कर देता हूँ।
7 मेरी आँखें शोक से क्षीण हो गई हैं; मेरे सब बैरियों के कारण वे धुँधली पड़ गई हैं। 8 हे सब अनर्थकारियों, मुझ से दूर हो जाओ, क्योंकि मेरे परमपिता ने मेरे रोने का शब्द सुन लिया है। 9 मेरे परमपिता ने दया के लिए मेरी विनती सुन ली है; मेरे परमपिता मेरी प्रार्थना ग्रहण करते हैं। 10 मेरे सब शत्रु लज्जित होंगे और भय से काँप उठेंगे; वे लौट जाएँगे और अचानक लज्जित किए जाएँगे।