उपद्रवियों से मेरी रक्षा कर
प्रधान बजानेवाले के लिये। दाऊद का भजन।
140 1 हे मेरे परमपिता, बुरे मनुष्यों से मुझे बचा; उपद्रवियों से मुझे सुरक्षित रख, 2 जो अपने मन में बुराई की योजना बनाते हैं और दिन भर युद्ध छेड़ते रहते हैं। 3 वे अपनी जीभ को सर्प के समान तेज़ करते हैं; उनके होंठों के नीचे नागों का विष है। सेला
4 हे मेरे परमपिता, दुष्टों के हाथों से मेरी रक्षा कर; उपद्रवियों से मुझे सुरक्षित रख, जो मुझे गिराने की योजना बनाते हैं। 5 घमंडियों ने मेरे लिये फंदा छिपा रखा है; उन्होंने जाल की रस्सियाँ फैलाई हैं; मार्ग के किनारे उन्होंने मेरे लिये फंदे लगाए हैं। सेला
6 मैंने अपने परमपिता से कहा, “तू मेरा परमपिता है।” मेरी दया की गुहार का शब्द सुन। 7 हे प्रभु परमपिता, मेरे उद्धार की शक्ति, युद्ध के दिन तूने मेरे सिर को ढाँप रखा। 8 हे मेरे परमपिता, दुष्टों की अभिलाषाओं को पूरी न कर; उनकी युक्ति को सफल न होने दे, नहीं तो वे सिर उठाएँगे। सेला
9 जो मुझे घेरे हुए हैं, उनके सिरदारों के विषय में— उन्हीं के होंठों का उपद्रव उन पर छा जाए। 10 धधकते अंगारे गिरें उन पर; वे आग में डाल दिए जाएँ, कीचड़ भरे गड्ढों में, कि वे फिर कभी न उठें। 11 कोई निन्दक देश में स्थिर न रहे; बुराई उपद्रवी मनुष्य का पीछा करे, बारम्बार प्रहार करे।
12 मैं जानता हूँ कि हमारे परमपिता दीन जनों का पक्ष लेंगे और दरिद्रों का न्याय करेंगे। 13 निश्चय ही धर्मी तेरे नाम का धन्यवाद करेंगे; सीधे लोग तेरे सम्मुख वास करेंगे।