प्रधान बजानेवाले के लिए। दाऊद का एक भजन।
13 1 हे मेरे परमपिता, तू कब तक मुझे भूला रहेगा? क्या सदा के लिए? कब तक अपना मुख मुझ से छिपाए रहेगा?
2 कब तक मैं अपने मन में जूझता रहूँ और दिन भर अपने हृदय में शोक ढोता रहूँ? कब तक मेरा शत्रु मुझ पर प्रबल होता रहेगा? 3 हे मेरे परमपिता, मेरी ओर दृष्टि कर और मुझे उत्तर दे; मेरी आँखों में ज्योति दे, कहीं ऐसा न हो कि मैं मृत्यु की नींद सो जाऊँ।
4 मेरा शत्रु कहेगा, “मैं उस पर प्रबल हो गया,” और मेरे विरोधी मेरे गिरने पर आनन्दित होंगे। 5 परन्तु मैंने तेरी करुणा पर भरोसा रखा है; मेरा हृदय तेरे उद्धार में आनन्दित होगा। 6 मैं अपने परमपिता के लिए गाऊँगा, क्योंकि उसने मुझ पर ऐसी भलाई की है।