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जकर्याह 11

पुस्तक

वध के लिये ठहराया गया झुंड

अध्याय 11।

हे लबानोन, अपने द्वार खोल दे—कि आग तेरे देवदारों को भस्म कर दे! हे सनोवर, हाय-हाय कर, क्योंकि देवदार गिर गया है, वे तेजस्वी वृक्ष नष्ट हो गए हैं! हे बाशान के बांज वृक्षो, हाय-हाय करो, क्योंकि घना वन गिरा दिया गया है! सुनो—चरवाहों का विलाप, क्योंकि उनका वैभव नष्ट हो गया है! सुनो—जवान सिंहों की गर्जना, क्योंकि यरदन की झाड़ियाँ उजड़ गई हैं!

मेरे परमपिता यह कहते हैं: वध के लिये ठहराए गए झुंड की चरवाही कर।

उनके मोल लेनेवाले उन्हें मार डालते हैं और निर्दोष ठहरते हैं; उनके बेचनेवाले कहते हैं, “परमेश्वर का धन्यवाद हो, मैं धनी हो गया हूँ!”—और उनके अपने चरवाहे उन पर कुछ भी दया नहीं करते। क्योंकि हमारे परमपिता की यह वाणी है: मैं अब इस देश के निवासियों पर तरस न खाऊँगा। देखो, मैं हर एक मनुष्य को अपने पड़ोसी के हाथ में और अपने राजा के हाथ में कर दूँगा; वे देश को कुचल डालेंगे, और मैं किसी को उनके हाथ से न छुड़ाऊँगा।

अतः मैं ने वध के लिये ठहराए गए झुंड की चरवाही की, जो झुंड में सबसे अधिक पीड़ित थे। मैं ने दो लाठियाँ लीं; एक का नाम मैं ने ‘अनुग्रह’ और दूसरी का ‘एकता’ रखा, और झुंड की चरवाही करता रहा। एक ही महीने में मैं ने तीनों चरवाहों को दूर कर दिया। मैं उनसे अधीर हो गया, और वे भी मुझ से घृणा करते थे। a a v8 ‘तीनों चरवाहों’ की पहचान अज्ञात है; किसी भी विद्वत्-मत पर एकमत नहीं बन पाया है। तब मैं ने कहा, “मैं तुम्हारी चरवाही नहीं करूँगा। जो मरता हो सो मरे, जो नाश होने पर हो सो नाश हो, और जो बचे रहें वे एक दूसरे का मांस खाएँ।”

तब मैं ने अपनी लाठी ‘अनुग्रह’ को लेकर तोड़ डाला, कि जो वाचा मैं ने सब जातियों के साथ बाँधी थी उसे तोड़ूँ। अतः वह उसी दिन तोड़ी गई, और झुंड के दीन लोग जो मुझे देख रहे थे, जान गए कि यह हमारे परमपिता का वचन है। मैं ने उनसे कहा, “यदि तुम्हें अच्छा लगे तो मेरी मजदूरी मुझे दे दो; और यदि नहीं, तो रहने दो।” तब उन्होंने मेरी मजदूरी में चाँदी के तीस टुकड़े तौलकर दिए। b b v12 चाँदी के ये तीस टुकड़े ठीक वही दाम हैं जिन्हें नया नियम यीशु के साथ विश्वासघात करने के लिये दी गई राशि बताता है (मत्ती 27:9-10)।

तब हमारे परमपिता ने मुझ से कहा, “इसे कुम्हार के आगे फेंक दे”—वह भारी दाम जिस पर उन्होंने मेरा मोल आँका! अतः मैं ने चाँदी के वे तीस टुकड़े लेकर हमारे परमपिता के भवन में कुम्हार के आगे फेंक दिए।

तब मैं ने अपनी दूसरी लाठी ‘एकता’ को तोड़ डाला, कि यहूदा और इस्राएल के बीच का भाईचारा मिटा दूँ।

तब हमारे परमपिता ने मुझ से कहा, “एक बार फिर मूर्ख चरवाहे के साज-सामान उठा ले। क्योंकि देख, मैं इस देश में एक ऐसा चरवाहा खड़ा करने पर हूँ जो नाश होनेवालों की सुधि न लेगा, न तितर-बितर हुओं को ढूँढ़ेगा, न घायलों को चंगा करेगा, न भले-चंगों को संभालेगा—परन्तु मोटी भेड़ों का मांस खाएगा और उनके खुर तक फाड़ डालेगा। हाय, मेरे निकम्मे चरवाहे पर, जो झुंड को छोड़ देता है! तलवार उसकी बाँह पर पड़े और उसकी दाहिनी आँख पर! उसकी बाँह बिलकुल सूख जाए, और उसकी दाहिनी आँख पूरी तरह अंधी हो जाए!”

A young man reading the Father's Heart Bible print edition in a coffee shop अब छपाई में

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