परमपिता अपनी बिखरी हुई सन्तान को घर बटोर लाते हैं
10 1बसन्त ऋतु की वर्षा के समय हमारे परमपिता से वर्षा माँगो— हमारे परमपिता से, जो गरजनेवाले बादल बनाते हैं; वे उन्हें झमाझम वर्षा देते हैं, हर एक को खेत की हरियाली।
2क्योंकि घरेलू मूरतें व्यर्थ बातें बोलती हैं, और भावी बतानेवाले झूठ देखते हैं; वे झूठे स्वप्न सुनाते हैं और निकम्मी शान्ति देते हैं। इसलिए लोग भेड़ों की नाईं भटकते हैं; वे दुःखी हैं क्योंकि कोई चरवाहा नहीं।
3“मेरा क्रोध चरवाहों पर भड़का है, और मैं अगुवों को दण्ड दूँगा जो झुण्ड के हैं; क्योंकि स्वर्गीय सेनाओं के परमपिता ने अपने झुण्ड, यहूदा के घराने की सुधि ली है, और वे उन्हें युद्ध में अपने प्रतापी घोड़े के समान बनाएँगे। 4उसी में से कोने का पत्थर निकलेगा, उसी में से खूँटी, उसी में से युद्ध का धनुष, उसी में से हर एक शासक एक साथ निकलेगा। a a v4 कोने का पत्थर, वह खूँटी जिस पर हर बोझ टँगा रहता है, वह शासक जो यहूदा में से आता है — नये नियम में उसका नाम यीशु बताया गया है, जिस पर हमारे परमपिता अपनी प्रजा को बनाते हैं। 5वे मिलकर वीर योद्धाओं के समान होंगे, जो युद्ध में सड़कों की कीच को रौंदते हैं। वे लड़ेंगे, क्योंकि हमारे परमपिता उनके साथ हैं, और घोड़ों पर सवार लज्जित किए जाएँगे।
6“मैं यहूदा के घराने को दृढ़ करूँगा, और यूसुफ के घराने का उद्धार करूँगा। मैं उन्हें घर लौटा लाऊँगा, क्योंकि मुझे उन पर दया आती है, और वे ऐसे हो जाएँगे मानो मैंने उन्हें कभी त्यागा ही न हो; क्योंकि मैं उनका परमपिता हूँ, और मैं उनकी सुनूँगा। 7तब एप्रैम एक वीर योद्धा के समान होगा, और उनके मन दाखमधु से मगन होंगे। उनके बच्चे यह देखकर आनन्दित होंगे; उनके मन हमारे परमपिता में मगन होंगे। 8‘मैं उन्हें सीटी बजाकर बुलाऊँगा और इकट्ठा करूँगा, क्योंकि मैंने उन्हें छुड़ा लिया है, और वे उतने ही बहुत हो जाएँगे जितने पहले थे। 9यद्यपि मैं उन्हें जाति-जातियों में तितर-बितर करूँगा, तौभी दूर देशों में वे मुझे स्मरण करेंगे; वे अपने बच्चों समेत जीवित रहेंगे, और वे लौट आएँगे। 10मैं उन्हें मिस्र देश से घर लौटा लाऊँगा और अश्शूर से उन्हें इकट्ठा करूँगा; मैं उन्हें गिलाद और लबानोन देश में लाऊँगा, यहाँ तक कि उनके लिए और स्थान न रहेगा। 11वे संकट के समुद्र में से पार होंगे; वह समुद्र की लहरों को मारेगा, और नील नदी की सारी गहराइयाँ सूख जाएँगी। अश्शूर का घमण्ड चूर किया जाएगा, और मिस्र का राजदण्ड जाता रहेगा।’ 12मैं उन्हें अपने में दृढ़ करूँगा, और वे मेरे नाम से चलते-फिरते रहेंगे, हमारे परमपिता की यही वाणी है।”