सब्त के लिए एक गीत
एक भजन। सब्त के दिन के लिए एक गीत।
92 1 हमारे परमपिता का धन्यवाद करना, और हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना भला है, 2 भोर को तेरी करुणा का प्रचार करना, और रातों में तेरी सच्चाई का, 3 दस तार वाले बाजे और सारंगी पर, वीणा की मधुर ध्वनि के साथ। 4 क्योंकि हे हमारे परमपिता, तूने अपने काम से मुझे आनन्दित किया है; तेरे हाथों के कामों को देखकर मैं आनन्द से जयजयकार करता हूँ। 5 हे हमारे परमपिता, तेरे काम कैसे महान हैं! तेरी युक्तियाँ बहुत ही गहरी हैं! 6 पशु समान मनुष्य यह नहीं जानता, और मूर्ख इसे नहीं समझता:
7 यद्यपि दुष्ट घास के समान उगते हैं और सब अनर्थकारी फूलते-फलते हैं, तौभी वे सदा के लिए विनाश के लिए ठहराए गए हैं। 8 परन्तु हे हमारे परमपिता, तू सदा सर्वदा ऊँचे पर विराजमान रहता है। 9 क्योंकि देख, हे हमारे परमपिता, तेरे शत्रु — देख, तेरे शत्रु नाश हो जाएँगे; सब अनर्थकारी तितर-बितर हो जाएँगे। 10 परन्तु तूने मेरा सींग जंगली साँड के समान ऊँचा किया है; मैं ताजे तेल से अभिषिक्त किया गया हूँ। 11 मेरी आँखों ने मेरी घात में लगे शत्रुओं को देख लिया है; मेरे कानों ने मेरे विरुद्ध उठनेवाले दुष्टों का विनाश सुन लिया है। 12 धर्मी खजूर के वृक्ष के समान फूलते-फलते हैं; वे लबानोन के देवदार के समान बढ़ते हैं। 13 हमारे परमपिता के भवन में लगाए गए, वे हमारे परमपिता के आँगनों में फूलते-फलते हैं। 14 वे तब भी फल लाते रहते हैं बुढ़ापे में; वे हरे-भरे और तरोताजा बने रहते हैं, 15 यह प्रचार करने के लिए कि हमारे परमपिता सीधे हैं; वे मेरी चट्टान हैं, और उनमें कुछ भी अधर्म नहीं है।