पृथ्वी की छोर से एक पुकार
प्रधान बजानेवाले के लिये; तारवाले बाजों के साथ। दाऊद का भजन।
61 1 हे मेरे परमपिता, मेरी पुकार सुन; मेरी प्रार्थना पर ध्यान दे। 2 पृथ्वी की छोर से मैं तुझे पुकारता हूँ, जब मेरा मन मूर्छित हो जाता है; मुझे उस चट्टान तक ले चल जो मुझसे ऊँची है। 3 क्योंकि तू मेरा शरणस्थान रहा है, शत्रु के विरुद्ध एक दृढ़ गढ़।
4 मैं तेरे तम्बू में सदा वास करने की लालसा रखता हूँ और तेरे पंखों की छाया में शरण लेने की। सेला 5 क्योंकि हे मेरे परमपिता, तूने मेरी मन्नतें सुनी हैं; तूने मुझे उनका भाग दिया है जो तेरे नाम का भय मानते हैं। 6 राजा की आयु में वर्ष बढ़ा दे; उसके वर्ष अनेक पीढ़ियों तक बने रहें। 7 वह हमारे परमपिता के सामने सदा सिंहासन पर विराजमान रहे; अपनी वाचा की करुणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये नियुक्त कर। 8 तब मैं सदा तेरे नाम का भजन गाता रहूँगा और दिन प्रतिदिन अपनी मन्नतें पूरी करता रहूँगा।