Read. Receive. Recommend.

♥ Reviews

भजन संहिता 111

Book

हल्लेलूयाह

Chapter 111.

हल्लेलूयाह! मैं अपने सारे मन से हमारे परमपिता की स्तुति करूँगा, सीधे लोगों की संगति में और मण्डली में। हमारे परमपिता के काम महान हैं, जो उनसे प्रसन्न होते हैं वे सब उन पर ध्यान लगाते हैं। उनके काम में तेज और प्रताप है, और उनकी धार्मिकता सदा बनी रहती है। उन्होंने अपने अद्भुत कामों को स्मरणीय बनाया है; हमारे परमपिता अनुग्रहकारी हैं, उनका हृदय दया से भरा है। वे अपने डरवैयों को भोजन देते हैं; वे अपनी वाचा को सदा स्मरण रखते हैं। उन्होंने अपनी प्रजा को अपने कामों का सामर्थ्य दिखाया, और उन्हें जातियों का भाग सौंप दिया। उनके हाथों के काम विश्वासयोग्य और न्यायपूर्ण हैं; उनके सब उपदेश भरोसेमन्द हैं। वे युगानुयुग स्थिर रहते हैं, और सच्चाई और खराई के साथ पूरे किए जाते हैं। उन्होंने अपनी प्रजा के लिए छुटकारा भेजा; उन्होंने अपनी वाचा को सदा के लिए ठहराया। उनका नाम पवित्र और भययोग्य है। हमारे परमपिता का भय बुद्धि का आरम्भ है; जो इस पर चलते हैं वे सब उत्तम समझ पाते हैं। उनकी स्तुति सदा बनी रहती है। a a v10 यहाँ भय का अर्थ श्रद्धामय विस्मय और गहरा आदर है, न कि आतंक या भयभीति।

A young man reading the Father's Heart Bible print edition in a coffee shop Now in Print

Comments

Thoughts, questions, or a word this chapter stirred in you — share it here. Every comment puts your name on the Wall of Contributors.

Reading, listening, copying and sharing are open to everyone — no account needed. Commenting, highlighting, and bookmarking your place come with a free account, and every comment puts your name on the Wall of Contributors.

Join the Family — it's free →
  • No comments yet. Be the first to add your voice.