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नीतिवचन 22

पुस्तक

धनी और निर्धन के लिए बुद्धि

अध्याय 22।

बड़े धन से अच्छा नाम अधिक चुनने योग्य है, और चाँदी और सोने से अनुग्रह उत्तम है। धनी और निर्धन दोनों एक साथ मिलते हैं; हमारे परमपिता उन सब के रचनेवाले हैं। चतुर मनुष्य विपत्ति को देखकर छिप जाता है, परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं। नम्रता और हमारे परमपिता के भय का प्रतिफल धन, आदर और जीवन है। टेढ़े मनुष्य के मार्ग में काँटे और फंदे रहते हैं; जो अपने प्राण की रक्षा करता है, वह उनसे दूर रहता है। बालक को उस मार्ग की शिक्षा दे जिस पर उसे चलना चाहिए, तब वह बुढ़ापे में भी उससे न हटेगा। धनी निर्धन पर प्रभुता करता है, और उधार लेनेवाला उधार देनेवाले का दास होता है। जो अन्याय बोता है वह विपत्ति काटेगा, और उसके क्रोध का दण्ड मिट जाएगा। जिसकी दृष्टि उदार है वह आशीष पाएगा, क्योंकि वह अपनी रोटी निर्धन के साथ बाँटता है। ठट्ठा करनेवाले को निकाल दे, तब झगड़ा भी दूर हो जाएगा; वाद-विवाद और अपमान भी समाप्त हो जाएँगे। जो मन की शुद्धता से प्रीति रखता और अनुग्रह से बातें करता है, राजा उसका मित्र होगा। हमारे परमपिता की आँखें ज्ञान की रक्षा करती हैं, परन्तु वे विश्वासघाती की बातों को उलट देते हैं। आलसी कहता है, “बाहर तो सिंह है! मैं सड़कों में मार डाला जाऊँगा!” पराई स्त्रियों का मुँह गहरा गड्ढा है; जिस पर हमारे परमपिता का क्रोध भड़कता है, वही उसमें गिरता है। बालक के मन में मूर्खता बँधी रहती है, परन्तु अनुशासन की छड़ी उसे उससे दूर कर देती है। जो निर्धन पर अन्धेर करके अपने को धनी बनाता है, या धनी को देता है, वह केवल कंगालपन ही को पहुँचेगा।

ध्यान से सुनो

बुद्धिमानों की बातें ध्यान से सुन, और मेरे ज्ञान की ओर अपना मन लगा, क्योंकि यदि तू उन्हें अपने भीतर रखे, और वे सब तेरे होठों पर तैयार रहें, तो यह मनभावना होगा। कि तेरा भरोसा हमारे परमपिता पर बना रहे, इसलिए मैंने आज ये बातें तुझ पर, हाँ, तुझी पर प्रगट की हैं। क्या मैंने तेरे लिए तीस बातें नहीं लिखी हैं, जो सम्मति और ज्ञान की हैं, कि मैं तुझे वही सिखाऊँ जो सच्चा और खरा है, ताकि तू अपने भेजनेवालों को सच्चा उत्तर दे सके?

निर्धन को मत लूट इसलिए कि वह निर्धन है, और न फाटक में दीन-दुखियों को कुचल, a a v22 प्राचीन नगरों में नगर का फाटक वह स्थान था जहाँ मुकद्दमों का निपटारा और सार्वजनिक लेन-देन होता था। क्योंकि हमारे परमपिता उनका मुकद्दमा लड़ेंगे, और जो उन्हें लूटते हैं उनका प्राण भी लूट लेंगे।

क्रोधी मनुष्य से मित्रता न कर, और उग्र स्वभाववाले के साथ न चल, कहीं ऐसा न हो कि तू उसकी चाल सीख ले और अपने प्राण को फंदे में फँसा ले।

तू उनमें से न हो जो हाथ पर हाथ मारते हैं, और जो ऋण के लिए जमानत देते हैं। यदि तेरे पास चुकाने को कुछ न हो, तो तेरा बिछौना तेरे नीचे से क्यों छीन लिया जाए?

जो सीमा का पुराना पत्थर तेरे पूर्वजों ने खड़ा किया हो, उसे न हटा।

क्या तू ऐसा मनुष्य देखता है जो अपने काम में निपुण है? वह राजाओं के सामने खड़ा होगा; वह साधारण लोगों के सामने खड़ा न होगा।

A young man reading the Father's Heart Bible print edition in a coffee shop अब छपाई में

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