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मत्ती 26 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

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अगुवे यीशु को मार डालने का षड्यंत्र रचते हैं

एक स्त्री कीमती इत्र उंडेल देती है और इसके लिए उसे डाँट पड़ती है। यहूदा तीस सिक्कों में उसे बेच देता है। गतसमनी में यीशु अपने पिता से कहते हैं कि यह प्याला हटा लें, और उनके मित्र बार-बार सो जाते हैं। पकड़े जाने पर वे विरोध नहीं करते। पतरस कसम खाकर कहता है कि वह उस मनुष्य को कभी नहीं जानता था।

अध्याय 26।

जब यीशु ये सब बातें कह चुके, तब उन्होंने अपने चेलों से कहा,

“तुम जानते हो कि दो दिन के बाद फसह आता है, और मनुष्य का पुत्र क्रूस पर चढ़ाए जाने के लिए पकड़वाया जाएगा।”

तब प्रधान याजक और लोगों के प्राचीन कैफा नामक महायाजक के आँगन में इकट्ठे हुए, और उन्होंने मिलकर षड्यंत्र रचा कि यीशु को छल से पकड़कर मार डालें। परन्तु उन्होंने कहा, “पर्व के दिनों में नहीं, कहीं ऐसा न हो कि लोगों में हुल्लड़ मच जाए।”

वह गाड़े जाने के लिए यीशु का अभिषेक करती है

जब यीशु बैतनिय्याह में शमौन कोढ़ी के घर में थे, तो एक स्त्री संगमरमर के पात्र में बहुमूल्य इत्र लेकर उनके पास आई, और जब वे भोजन करने बैठे थे, तब उसने वह इत्र उनके सिर पर उंडेल दिया। यह देखकर चेले क्रोधित हुए और कहने लगे, “यह अपव्यय क्यों? यह तो बहुत दाम में बेचा जाकर कंगालों को दिया जा सकता था।”

यह जानकर यीशु ने उनसे कहा, “इस स्त्री को क्यों सताते हो? उसने तो मेरे साथ भला काम किया है। क्योंकि कंगाल तो सदा तुम्हारे साथ हैं, परन्तु मैं सदा तुम्हारे साथ न रहूँगा। उसने जो मेरी देह पर यह इत्र उंडेला है, वह उसने मुझे गाड़े जाने के लिए तैयार करने को किया है। मैं तुमसे सच कहता हूँ: सारे संसार में जहाँ कहीं यह सुसमाचार प्रचार किया जाएगा, वहाँ उसके स्मरण में यह भी, जो उसने किया, कहा जाएगा।”

यहूदा चाँदी के लिए पुत्र को पकड़वाता है

तब उन बारहों में से एक ने, जो यहूदा इस्करियोती कहलाता था, प्रधान याजकों के पास जाकर कहा, “यदि मैं उसे तुम्हारे हाथ पकड़वा दूँ, तो तुम मुझे क्या देने को तैयार हो?” और उन्होंने उसके लिए चाँदी के तीस सिक्के गिन दिए। और उसी समय से वह अवसर ढूँढ़ने लगा कि उसे पकड़वा दे।

फसह की तैयारी

अखमीरी रोटी के पर्व के पहले दिन चेलों ने यीशु से पूछा, “तू कहाँ चाहता है कि हम तेरे लिए फसह खाने की तैयारी करें?”

उन्होंने कहा, “नगर में अमुक मनुष्य के पास जाकर उससे कहो, ‘गुरु कहता है: मेरा समय निकट है। मैं अपने चेलों के साथ तेरे घर में फसह मनाऊँगा।’”

और चेलों ने वैसा ही किया जैसा यीशु ने उन्हें आज्ञा दी थी, और उन्होंने फसह तैयार किया।

जब सन्ध्या हुई, तो वे उन बारहों के साथ भोजन करने बैठे।

और जब वे खा रहे थे, तब उन्होंने कहा, “मैं तुमसे सच कहता हूँ, तुम में से एक मुझे पकड़वाएगा।”

इस पर वे बहुत उदास हुए और हर एक उनसे पूछने लगा, “हे प्रभु, क्या वह मैं हूँ?”

उन्होंने उत्तर दिया, “जिसने मेरे साथ कटोरे में हाथ डुबोया है, वही मुझे पकड़वाएगा। मनुष्य का पुत्र तो जैसा उसके विषय में लिखा है वैसे ही जाता है, परन्तु उस मनुष्य पर हाय, जिसके द्वारा मनुष्य का पुत्र पकड़वाया जाता है! उस मनुष्य के लिए भला होता कि वह जन्मा ही न होता।”

तब उसके पकड़वाने वाले यहूदा ने कहा, “हे रब्बी, क्या वह मैं हूँ?” उन्होंने उससे कहा, “तूने आप ही कह दिया।”

जब वे खा रहे थे, तो यीशु ने रोटी ली, और आशीष माँगकर तोड़ी, और चेलों को देकर कहा, “लो, खाओ; यह मेरी देह है।” फिर उन्होंने कटोरा लेकर धन्यवाद किया, और उन्हें देकर कहा, “तुम सब इसमें से पीओ, क्योंकि यह वाचा का मेरा लहू है, जो बहुतों के लिए पापों की क्षमा के निमित्त बहाया जाता है। और मैं तुमसे कहता हूँ, कि अब से मैं दाखलता का यह रस उस दिन तक कभी न पीऊँगा, जब तक कि उसे तुम्हारे साथ अपने पिता के राज्य में नया न पीऊँ।”

फिर वे भजन गाकर जैतून के पहाड़ पर चले गए।

यीशु पतरस के इन्कार की भविष्यवाणी करते हैं

तब यीशु ने उनसे कहा, “आज ही रात तुम सब मेरे कारण ठोकर खाओगे, क्योंकि लिखा है: ‘मैं चरवाहे को मारूँगा, और झुण्ड की भेड़ें तितर-बितर हो जाएँगी।’ परन्तु मैं अपने जी उठने के बाद तुमसे पहले गलील को जाऊँगा।”

पतरस ने उनसे कहा, “यदि सब तेरे कारण ठोकर खाएँ, तौभी मैं कभी ठोकर न खाऊँगा।”

यीशु ने उससे कहा, “मैं तुझसे सच कहता हूँ: आज ही रात, मुर्गे के बाँग देने से पहले, तू तीन बार मुझसे इन्कार करेगा।”

पतरस ने उनसे कहा, “यदि मुझे तेरे साथ मरना भी पड़े, तौभी मैं तुझसे इन्कार न करूँगा।” और ऐसा ही सब चेलों ने कहा।

पुत्र परमपिता के प्रति समर्पित होता है

तब यीशु उनके साथ गतसमनी नामक स्थान में आए, और चेलों से कहा, “यहीं बैठे रहो, जब तक मैं वहाँ जाकर प्रार्थना करूँ।”

और वे पतरस और जब्दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गए, और अत्यन्त शोकित और व्याकुल होने लगे।

तब उन्होंने उनसे कहा, “मेरा मन बहुत उदास है, यहाँ तक कि मरने को है। तुम यहाँ ठहरो और मेरे साथ जागते रहो।”

और वे थोड़ा आगे बढ़े, और मुँह के बल गिरकर प्रार्थना करने लगे, “हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझसे टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूँ वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।”

फिर वे चेलों के पास आए और उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा, “क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? जागते रहो और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो; आत्मा तो तैयार है, पर शरीर दुर्बल है।”

फिर दूसरी बार जाकर उन्होंने प्रार्थना की, “हे मेरे पिता, यदि यह कटोरा मेरे पीए बिना नहीं टल सकता, तो तेरी इच्छा पूरी हो।”

और वे फिर आकर उन्हें सोते पाया, क्योंकि उनकी आँखें भारी थीं। इसलिए उन्हें फिर छोड़कर वे चले गए, और तीसरी बार वही बात कहकर प्रार्थना की।

तब वे चेलों के पास आए और उनसे कहा, “अब भी सोते और विश्राम करते हो? देखो, घड़ी आ पहुँची है, और मनुष्य का पुत्र पापियों के हाथों पकड़वाया जाता है। उठो, चलें! देखो, मेरा पकड़वाने वाला आ पहुँचा है!”

यीशु पकड़वाए और बन्दी किए जाते हैं

वे यह कह ही रहे थे, कि देखो, यहूदा, जो उन बारहों में से एक था, आया, और उसके साथ प्रधान याजकों और लोगों के प्राचीनों की ओर से भेजी गई एक बड़ी भीड़ तलवारें और लाठियाँ लिए हुए आई। उसके पकड़वाने वाले ने उन्हें यह संकेत दिया था: “जिसे मैं चूमूँ, वही है—उसे पकड़ लेना।” और तुरन्त यीशु के पास आकर उसने कहा, “हे रब्बी, नमस्कार!” और उन्हें चूम लिया।

यीशु ने उससे कहा, “हे मित्र, जिस काम के लिए तू आया है, वह कर ले।” तब उन्होंने पास आकर यीशु पर हाथ डाला और उन्हें पकड़ लिया।

और देखो, यीशु के साथियों में से एक ने हाथ बढ़ाकर अपनी तलवार खींची, और महायाजक के दास पर चलाकर उसका कान काट डाला।

तब यीशु ने उससे कहा, “अपनी तलवार म्यान में रख ले, क्योंकि जो तलवार चलाते हैं, वे सब तलवार से नष्ट होंगे। क्या तू समझता है कि मैं अपने पिता से नहीं माँग सकता, और वह अभी मेरे पास स्वर्गदूतों की बारह पलटन से अधिक न भेज देंगे? परन्तु फिर पवित्र शास्त्र की वे बातें कैसे पूरी होंगी, कि ऐसा ही होना अवश्य है?”

उसी घड़ी यीशु ने भीड़ से कहा, “क्या तुम डाकू के विरुद्ध की तरह तलवारें और लाठियाँ लेकर मुझे पकड़ने निकले हो? मैं तो प्रतिदिन मन्दिर में बैठकर उपदेश देता था, और तुमने मुझे नहीं पकड़ा। परन्तु यह सब इसलिए हुआ, कि भविष्यद्वक्ताओं के पवित्र शास्त्र पूरे हों।” तब सब चेले उन्हें छोड़कर भाग गए।

यीशु अपने अभियोक्ताओं के सामने

जिन्होंने यीशु को पकड़ा था, वे उन्हें कैफा महायाजक के पास ले गए, जहाँ शास्त्री और प्राचीन इकट्ठे हुए थे। और पतरस दूर से उनके पीछे-पीछे महायाजक के आँगन तक गया, और भीतर जाकर पहरेदारों के साथ बैठ गया, कि देखे इसका अन्त क्या होगा।

प्रधान याजक और सारी महासभा यीशु को मार डालने के लिए उनके विरुद्ध झूठी गवाही ढूँढ़ने लगे, परन्तु बहुत से झूठे गवाहों के आने पर भी उन्हें कोई न मिली। अन्त में दो जन आए, और उन्होंने कहा, “इस मनुष्य ने कहा था, ‘मैं परमेश्वर के मन्दिर को ढा सकता हूँ, और तीन दिन में उसे फिर बना सकता हूँ।’”

तब महायाजक ने खड़े होकर उससे कहा, “क्या तू कोई उत्तर नहीं देता? ये लोग तेरे विरुद्ध क्या गवाही देते हैं?” परन्तु यीशु चुप रहे। महायाजक ने उनसे कहा, “मैं तुझे जीवित परमेश्वर की शपथ देता हूँ: हमें बता कि क्या तू मसीह, परमेश्वर का पुत्र है?”

यीशु ने उससे कहा, “तूने आप ही कह दिया। परन्तु मैं तुमसे कहता हूँ: अब से तुम मनुष्य के पुत्र को सर्वशक्तिमान की दाहिनी ओर बैठे, और आकाश के बादलों पर आते हुए देखोगे।”

तब महायाजक ने अपने वस्त्र फाड़कर कहा, “इसने ईश्वर-निन्दा की है! अब हमें और गवाहों की क्या आवश्यकता? देखो, तुमने अभी यह ईश्वर-निन्दा सुनी है। तुम्हारा क्या विचार है?” उन्होंने उत्तर दिया, “यह मृत्यु के योग्य है।”

तब उन्होंने उनके मुँह पर थूका और घूँसे मारे; और कुछ ने थप्पड़ मारकर कहा, “हे मसीह, हमें भविष्यद्वाणी करके बता कि तुझे किसने मारा?”

पतरस यीशु को जानने से इन्कार करता है

पतरस बाहर आँगन में बैठा था। एक दासी उसके पास आकर बोली, “तू भी तो यीशु गलीली के साथ था।”

परन्तु उसने सब के सामने इन्कार करके कहा, “मैं नहीं जानता तू क्या कह रही है।”

जब वह बाहर द्वार की ओर गया, तो एक और दासी ने उसे देखकर वहाँ के लोगों से कहा, “यह भी यीशु नासरी के साथ था।”

उसने फिर शपथ खाकर इन्कार किया, “मैं उस मनुष्य को नहीं जानता।”

थोड़ी देर बाद, जो वहाँ खड़े थे, उन्होंने पतरस के पास आकर कहा, “निश्चय तू भी उनमें से एक है, क्योंकि तेरी बोली तुझे प्रगट कर देती है।”

तब वह अपने आप को कोसने और शपथ खाने लगा, “मैं उस मनुष्य को नहीं जानता।” और तुरन्त मुर्गे ने बाँग दी।

तब पतरस को यीशु का वह वचन स्मरण आया: “मुर्गे के बाँग देने से पहले, तू तीन बार मुझसे इन्कार करेगा।” और वह बाहर जाकर फूट-फूट कर रोया।