भाई भाई के विरुद्ध हो जाता है
12 1एप्रैम के पुरुष इकट्ठे होकर सापोन को पार गए। उन्होंने यिप्तह से कहा, “तू अम्मोनियों से लड़ने को क्यों पार गया, और हमें अपने साथ चलने को न बुलाया? हम तेरे घर को तेरे ऊपर ही जला देंगे!”
2यिप्तह ने उनसे कहा, “मेरा और मेरे लोगों का अम्मोनियों के साथ बड़ा झगड़ा हुआ था; मैंने तुम्हें बुलाया, परन्तु तुमने मुझे उनके हाथ से न बचाया। 3जब मैंने देखा कि तुम मुझे न बचाओगे, तब मैंने अपने प्राण हथेली पर रखकर अम्मोनियों पर चढ़ाई की, और हमारे परमपिता ने उन्हें मेरे हाथ में कर दिया। फिर आज तुम मुझ से लड़ने को मेरे पास क्यों चढ़ आए हो?”
4तब यिप्तह ने गिलाद के सब पुरुषों को इकट्ठा किया और एप्रैम से लड़ा। और गिलाद के पुरुषों ने एप्रैम को मार लिया, क्योंकि एप्रैमियों ने कहा था, “हे गिलादियो, तुम तो एप्रैम में से, अर्थात् एप्रैम और मनश्शे के बीच में रहनेवाले भगोड़े हो।” 5और गिलादियों ने एप्रैम के विरुद्ध यरदन के घाटों को अपने वश में कर लिया। और जब कोई एप्रैमी भगोड़ा कहता, “मुझे पार जाने दो,” तब गिलाद के पुरुष उससे पूछते, “क्या तू एप्रैमी है?” यदि वह कहता, “नहीं,” 6तब वे उससे कहते, “‘शिब्बोलेत’ कह।” और वह कहता, “सिब्बोलेत,” क्योंकि वह उसे ठीक से नहीं बोल पाता था। तब वे उसे पकड़कर यरदन के घाटों पर घात करते। उस समय एप्रैम के बयालीस हजार पुरुष मारे गए। a a v6 “शिब्बोलेत” का अर्थ “धारा” या “अन्न की बाल” था, परन्तु इसके अर्थ से कोई मतलब न था — एप्रैमियों की बोली में “श” का उच्चारण न हो पाता था, इसलिए वह शब्द ही प्रकट कर देता था कि वे कौन हैं।
7यिप्तह छ: वर्ष तक इस्राएल का न्याय करता रहा। तब गिलादी यिप्तह मर गया, और गिलाद के एक नगर में मिट्टी दिया गया।
परमपिता और न्यायियों को खड़ा करते हैं
8उसके बाद बैतलहम के इबसान ने इस्राएल का न्याय किया। 9उसके तीस बेटे और तीस बेटियाँ थीं। उसने अपनी तीसों बेटियों का विवाह अपने कुल के बाहर कर दिया, और अपने बेटों के लिये बाहर से तीस कन्याएँ ले आया। उसने सात वर्ष तक इस्राएल का न्याय किया। 10तब इबसान मर गया और बैतलहम में मिट्टी दिया गया।
11उसके बाद जबूलूनी एलोन ने इस्राएल का न्याय किया; उसने दस वर्ष तक इस्राएल का न्याय किया। 12तब जबूलूनी एलोन मर गया और जबूलून के देश के अय्यालोन में मिट्टी दिया गया।
13उसके बाद पिरातोनी हिल्लेल के पुत्र अब्दोन ने इस्राएल का न्याय किया। 14उसके चालीस बेटे और तीस पोते थे, जो सत्तर गदहों पर सवार होते थे। उसने आठ वर्ष तक इस्राएल का न्याय किया। 15पिरातोनी हिल्लेल का पुत्र अब्दोन मर गया, और एप्रैम के देश में, अमालेकियों के पहाड़ी प्रदेश के पिरातोन में मिट्टी दिया गया।