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यहोशू 20 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

पितायीशुआत्मा
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परमपिता शरण-नगर प्रदान करते हैं

हमारे पिता छह नगर अलग ठहराते हैं, ताकि जो कोई अनजाने में किसी को मार डाले, वह बदले में मारे जाने से पहले कहीं भागकर जा सके और उसकी बात सुनी जाए। नियम स्पष्ट हैं: फाटक पर अपना मामला रखो, न्याय होने तक वहीं ठहरो, और महायाजक की मृत्यु तक वहीं रहो।

अध्याय 20।

तब हमारे परमपिता ने यहोशू से कहा:

“इस्राएलियों से कह: ‘अपने लिए वे शरण-नगर ठहरा लो, जिनके विषय में मैंने मूसा के द्वारा तुमसे कहा था, ताकि जो कोई किसी को भूल से, अनजाने में मार डाले, वह वहाँ भाग जाए—और वे तुम्हारे लिए खून का बदला लेनेवाले से शरण-स्थान ठहरें। जो कोई इनमें से किसी नगर को भाग जाए, वह नगर के फाटक की डेवढ़ी पर खड़ा होकर उस नगर के पुरनियों को अपना पक्ष सुनाए। तब वे उसे नगर में अपने पास ले लें, और उसे रहने का स्थान दें, कि वह उनके बीच रहे। यदि खून का बदला लेनेवाला उसका पीछा करे, तो वे उस मार डालनेवाले को उसके हाथ में न सौंपें, क्योंकि उसने अपने पड़ोसी को बिना पहले बैर रखे, अनजाने में मारा था। वह उसी नगर में तब तक रहे, जब तक कि वह मण्डली के सामने न्याय के लिए खड़ा न हो जाए, और जब तक उस समय का महायाजक न मर जाए। तब वह मार डालनेवाला अपने नगर और अपने घर को, अर्थात् उस नगर को जहाँ से वह भागा था, लौट सकता है।’”

तब उन्होंने नप्ताली के पहाड़ी देश में गलील के केदेश को, और एप्रैम के पहाड़ी देश में शेकेम को, और यहूदा के पहाड़ी देश में किर्यत-अर्बा (अर्थात् हेब्रोन) को अलग किया। और यरदन के पार, यरीहो के पूर्व की ओर, उन्होंने रूबेन के गोत्र में से मैदान में जंगल के बेसेर को, और गाद के गोत्र में से गिलाद के रामोत को, और मनश्शे के गोत्र में से बाशान के गोलान को दिया। ये ही वे नगर थे जो सब इस्राएलियों के लिए, और उनके बीच रहनेवाले परदेशियों के लिए ठहराए गए, कि जो कोई किसी को अनजाने में मार डाले, वह वहाँ भाग जाए, और मण्डली के सामने खड़ा होने से पहले खून का बदला लेनेवाले के हाथ से न मारा जाए।