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यूहन्ना 18 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

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किद्रोन के पार बगीचे में

बगीचे में जब यीशु अपना परिचय देते हैं तो पकड़ने आए लोग पीछे हटकर गिर पड़ते हैं, और वे माँगते हैं कि उनके चेलों को जाने दिया जाए। पतरस तलवार खींचता है; यीशु वह कटोरा पिएँगे जो उनके पिता ने उन्हें दिया है; फिर पतरस कोयले की आग के पास तीन बार उनका इन्कार करता है। उनका राज्य यहाँ का नहीं है।

अध्याय 18।

ये बातें कहने के बाद, यीशु अपने चेलों के साथ किद्रोन घाटी के पार गए, जहाँ एक बगीचा था; वे और उनके चेले उसमें गए। उसे पकड़वानेवाला यहूदा भी उस जगह को जानता था, क्योंकि यीशु प्रायः अपने चेलों के साथ वहाँ इकट्ठे होते थे। इसलिए यहूदा सिपाहियों की एक टुकड़ी तथा प्रधान याजकों और फरीसियों के प्यादों को लेकर, लालटेनें, मशालें और हथियार लिए हुए वहाँ आया।

तब यीशु, जो कुछ उन पर आनेवाला था वह सब जानते हुए, बाहर निकले और उनसे कहा, “तुम किसे ढूँढ़ रहे हो?”

उन्होंने उत्तर दिया, “नासरत के यीशु को।” यीशु ने कहा, “मैं हूँ।” उन्हें पकड़वानेवाला यहूदा भी उनके साथ खड़ा था। a a v5 यीशु वही दिव्य नाम कहते हैं जो हमारे परमपिता ने जलती हुई झाड़ी पर मूसा को दिया था। अगले पद में सिपाहियों की प्रतिक्रिया — पीछे हटकर भूमि पर गिर पड़ना — दिखाती है कि उन्होंने ठीक वही सुना जो उन्होंने अपने लिए दावा किया।

जब यीशु ने उनसे कहा, “मैं हूँ,” तो वे पीछे हटकर भूमि पर गिर पड़े।

तब उन्होंने उनसे फिर पूछा, “तुम किसे ढूँढ़ रहे हो?” और उन्होंने कहा, “नासरत के यीशु को।”

यीशु ने उत्तर दिया, “मैंने तुमसे कह दिया कि मैं हूँ। इसलिए यदि तुम मुझे ढूँढ़ते हो, तो इन मनुष्यों को जाने दो।” यह इसलिए हुआ कि यीशु का अपना कहा हुआ वचन पूरा हो: “जिन्हें तूने मुझे दिया, उनमें से मैंने एक को भी नहीं खोया।”

तब शमौन पतरस ने अपनी तलवार खींची, महायाजक के दास पर वार किया, और उसका दाहिना कान काट डाला—उस दास का नाम मलखुस था।

तब यीशु ने पतरस से कहा, “अपनी तलवार म्यान में रख। जो कटोरा मेरे परमपिता ने मुझे दिया है, क्या मैं उसे न पीऊँ?”

तब सिपाहियों, उनके सेनापति, और यहूदियों के प्यादों ने यीशु को पकड़ लिया और उन्हें बाँध लिया।

वे उन्हें पहले हन्ना के पास ले गए, क्योंकि वह उस वर्ष के महायाजक कैफा का ससुर था। यह वही कैफा था जिसने यहूदियों को सलाह दी थी: बेहतर है कि एक मनुष्य लोगों के लिए मरे।

पतरस आँगन तक पीछे-पीछे आता है

शमौन पतरस और एक और चेला यीशु के पीछे-पीछे गए। वह चेला महायाजक का जाना-पहचाना था, इसलिए वह यीशु के साथ महायाजक के आँगन में गया, परन्तु पतरस बाहर द्वार पर खड़ा रहा। तब वह दूसरा चेला, जो महायाजक का जाना-पहचाना था, बाहर गया, द्वार की रखवाली करनेवाली दासी से बात की, और पतरस को भीतर ले आया। द्वार की रखवाली करनेवाली दासी ने पतरस से कहा, “क्या तू भी इस मनुष्य के चेलों में से एक नहीं है?” उसने कहा, “मैं नहीं हूँ।”

दासों और प्यादों ने, ठंड के कारण, कोयले की आग सुलगाई थी और खड़े होकर तापते थे; पतरस भी उनके साथ खड़ा तापता रहा।

रात में पूछताछ

तब महायाजक ने यीशु से उनके चेलों और उनकी शिक्षा के विषय में पूछताछ की।

यीशु ने उसे उत्तर दिया, “मैंने संसार से खुलकर बातें कीं; मैंने सदा आराधनालयों में और मन्दिर में शिक्षा दी, जहाँ सब यहूदी इकट्ठे होते हैं। मैंने गुप्त में कुछ नहीं कहा। मुझसे क्यों पूछता है? उनसे पूछ जिन्होंने सुना कि मैंने उनसे क्या कहा; वे जानते हैं कि मैंने क्या कहा।”

यह सुनकर, पास खड़े पहरेदारों में से एक ने यीशु को थप्पड़ मारा और कहा, “क्या तू महायाजक को इस प्रकार उत्तर देता है?”

यीशु ने उसे उत्तर दिया, “यदि मैंने बुरा कहा, तो उस बुराई की गवाही दे; परन्तु यदि भला कहा, तो तू मुझे क्यों मारता है?”

तब हन्ना ने उन्हें बँधे हुए ही महायाजक कैफा के पास भेज दिया।

पतरस फिर इन्कार करता है

इस बीच शमौन पतरस खड़ा ताप रहा था। उन्होंने कहा, “क्या तू भी उसके चेलों में से एक नहीं है?” उसने इन्कार किया: “मैं नहीं हूँ।”

महायाजक के दासों में से एक, उस मनुष्य का रिश्तेदार जिसका कान पतरस ने काटा था, ने पूछा, “क्या मैंने तुझे बगीचे में उसके साथ नहीं देखा?”

पतरस ने फिर इन्कार किया, और तुरन्त मुर्गे ने बाँग दी।

पीलातुस के हाथ सौंपा गया

तब वे यीशु को कैफा के पास से राज्यपाल के भवन में ले गए। भोर का समय था। वे स्वयं भीतर नहीं गए, कहीं ऐसा न हो कि वे अशुद्ध हो जाएँ और फसह न खा सकें। इसलिए पीलातुस उनके पास बाहर निकला और कहा, “तुम इस मनुष्य पर क्या दोष लगाते हो?”

उन्होंने उसे उत्तर दिया, “यदि यह मनुष्य बुरा न करता, तो हम इसे तेरे हाथ न सौंपते।”

पीलातुस ने कहा, “तुम ही इसे ले जाओ और अपनी व्यवस्था के अनुसार इसका न्याय करो।” यहूदियों ने कहा, “हमें किसी को मार डालने की अनुमति नहीं है।”

यह इसलिए हुआ कि यीशु का कहा हुआ वह वचन पूरा हो, जिससे यह प्रकट हो कि वह किस प्रकार की मृत्यु मरनेवाले थे।

इसलिए पीलातुस फिर भवन में भीतर गया, यीशु को बुलाया, और पूछा, “क्या तू यहूदियों का राजा है?”

यीशु ने उत्तर दिया, “क्या तू यह अपनी ओर से कहता है, या औरों ने तुझे मेरे विषय में बताया?”

पीलातुस ने उत्तर दिया, “क्या मैं यहूदी हूँ? तेरी ही जाति और प्रधान याजकों ने तुझे मेरे हाथ सौंपा है। तूने क्या किया है?”

यीशु ने उत्तर दिया, “मेरा राज्य इस संसार का नहीं है। यदि होता, तो मेरे सेवक लड़ते कि मैं यहूदियों के हाथ न सौंपा जाऊँ। परन्तु मेरा राज्य यहाँ का नहीं है।”

तब पीलातुस ने उससे कहा, “तो फिर तू राजा है?” यीशु ने उत्तर दिया, “तू कहता है कि मैं राजा हूँ। मैं इसी के लिए जन्मा, और इसी के लिए संसार में आया—कि सत्य की गवाही दूँ। जो कोई सत्य का है, वह मेरा शब्द सुनता है।”

पीलातुस ने पूछा, “सत्य क्या है?” फिर वह यहूदियों के पास दोबारा बाहर गया और कहा, “मुझे इसमें कोई दोष नहीं मिलता।

परन्तु तुम्हारी एक रीति है: मैं फसह के समय एक मनुष्य को तुम्हारे लिए छोड़ देता हूँ। तो क्या तुम चाहते हो कि मैं यहूदियों के राजा को तुम्हारे लिए छोड़ दूँ?”

उन्होंने फिर चिल्लाकर कहा, “इसे नहीं, परन्तु बरअब्बा को!” अब बरअब्बा एक डाकू था।