अब छपाई में

अय्यूब 8 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

पितायीशुआत्मा
पहले ऑर्डर पर 15% की छूट →
पुस्तक

शूही बिलदद उत्तर देता है

बिलदद और भी रूखा है: परमेश्वर न्याय को नहीं बिगाड़ता, इसलिए अय्यूब के बच्चों को वही मिला होगा जो उनके पाप ने कमाया। परमेश्वर को खोज, शुद्ध हो, तो अन्त आरम्भ से भी बढ़कर होगा। भक्तिहीनों का उसका चित्र है बिना दलदल का नरकट और मकड़ी का जाला, और वह सीधे अय्यूब पर निशाना साधता है।

अध्याय 8।

तब शूही बिलदद ने उत्तर दिया: “तू कब तक ऐसी बातें करता रहेगा? तेरे मुँह की बातें प्रचण्ड आँधी के सिवा और कुछ नहीं। क्या परमेश्वर न्याय को बिगाड़ता है? क्या सर्वशक्तिमान धर्म को उलट देता है? यदि तेरे बच्चों ने उसके विरुद्ध पाप किया, तो उसने उन्हें उनके अपराध के फल के हवाले कर दिया। परन्तु यदि तू मन लगाकर परमेश्वर को ढूँढ़े और सर्वशक्तिमान से दया की बिनती करे, यदि तू शुद्ध और सीधा हो, तो निश्चय वह अब तेरे लिये जाग उठेगा और तुझे तेरे उचित स्थान पर फिर से बसा देगा। यद्यपि तेरा आरम्भ छोटा था, तौभी तेरे बाद के वर्ष अपरम्पार उन्नति करेंगे। बीती हुई पिछली पीढ़ियों से पूछ, और जो कुछ उनके पुरखाओं ने खोज निकाला उस पर ध्यान दे। क्योंकि हम तो कल ही के उत्पन्न हुए हैं और कुछ नहीं जानते; पृथ्वी पर हमारे दिन तो छाया मात्र हैं। क्या वे तुझे न सिखाएँगे और न बताएँगे, और अपनी समझ से बातें न निकालेंगे? क्या जहाँ दलदल नहीं, वहाँ नरकट ऊँचा बढ़ सकता है? क्या बिना जल के कांसी फूल-फल सकती है? वह हरी रहते और बिना काटे ही, किसी भी घास से पहले कुम्हला जाती है। परमेश्वर को भूलनेवाले सब की ऐसी ही दशा होती है; भक्तिहीन की आशा इसी प्रकार नष्ट हो जाती है। उसका भरोसा निर्बल है, और उसका आसरा मकड़ी का जाला है। वह अपने घर पर टेक लगाता है, परन्तु वह टिकता नहीं; वह उसे कसकर थामता है, परन्तु वह ठहरता नहीं। वह धूप में भली-भाँति सींचे हुए पौधे के समान है, जिसकी डालियाँ बारी भर में फैल जाती हैं। उसकी जड़ें पत्थरों के ढेर के चारों ओर लिपट जाती हैं और चट्टानों के बीच पकड़ के लिये स्थान ढूँढ़ती हैं। परन्तु जब वह अपने स्थान से उखाड़ा जाता है, तब वह स्थान उसे यह कहकर नकार देता है, ‘मैंने तुझे कभी देखा ही नहीं।’ उसके मार्ग का आनन्द ऐसा ही है—और मिट्टी में से दूसरे उसके स्थान पर उग आते हैं। परमेश्वर खरे मनुष्य को नहीं तजेगा, और न कुकर्मियों को सहारा देगा। वह तेरे मुँह को फिर हँसी से, और तेरे होठों को जयजयकार से भर देगा। तेरे बैरी लज्जा का वस्त्र पहनेंगे, और दुष्टों का तम्बू फिर न रहेगा।”