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अय्यूब 12

पुस्तक

अय्यूब उत्तर देता है

अध्याय 12।

तब अय्यूब ने उत्तर दिया: "निःसन्देह लोग तो तुम ही हो, और तुम्हारे साथ ही बुद्धि भी मर जाएगी। परन्तु मुझ में भी समझ है तुम्हारे समान; मैं तुम से कम नहीं हूँ। भला, ऐसी बातें कौन नहीं जानता? मैं अपने मित्रों के लिए हँसी का कारण बन गया हूँ—मैं, जिसने परमेश्वर को पुकारा और उसने मुझे उत्तर दिया; एक धर्मी और निर्दोष मनुष्य, अब हँसी का कारण बन गया है। सुख में रहनेवाले विपत्ति को तुच्छ जानते हैं— जिनके पाँव फिसलते हैं, उनके लिए मानो एक ठोकर तैयार रहती है। डाकुओं के डेरे कुशल से रहते हैं, और जो परमेश्वर को क्रोध दिलाते हैं वे सुरक्षित रहते हैं—वे, जो अपने ही हाथ में अपना देवता उठाए फिरते हैं। a a v6 जो अपने ही हाथ में अपना देवता उठाए फिरते हैं: वे लोग जो परमेश्वर के बजाय पूरी तरह अपने ही बल पर भरोसा रखते हैं। परन्तु पशुओं से पूछ, तो वे तुझे सिखाएँगे; और आकाश के पक्षियों से, तो वे तुझे बताएँगे; अथवा पृथ्वी से बात कर, तो वह तुझे सिखाएगी; और समुद्र की मछलियाँ तुझे इसका भेद समझाएँगी। इन सब में से कौन नहीं जानता कि हमारे परमपिता के हाथ ने यह किया है? b b v9 अपने तीनों मित्रों के साथ लम्बे वाद-विवाद में यही वह एक स्थान है जहाँ अय्यूब हमारे परमपिता को उनके नाम से पुकारता है — वह संबंध का नाम जिसका उसके मित्र कभी उपयोग नहीं करेंगे। उसका हृदय, विरोध में भी, उस परमपिता की ओर बढ़ रहा है जिसे वह कभी जानता था। उसी के हाथ में हर एक जीवधारी का प्राण और सारी मानवजाति की साँस है। क्या कान वचनों को परख नहीं लेता, जैसे जीभ अपने भोजन का स्वाद चख लेती है? बुद्धि तो वृद्धों में पाई जाती है, और समझ लम्बी आयु के साथ आती है। उसी के पास बुद्धि और सामर्थ्य है; युक्ति और समझ उसी की हैं। जिसे वह ढा दे, वह फिर बनाया नहीं जा सकता; जिसे वह बन्द कर दे, वह छोड़ा नहीं जा सकता। यदि वह जल को रोक ले, तो वह सूख जाता है; और यदि वह उसे छोड़ दे, तो वह भूमि को डुबो देता है। उसी के पास बल और खरी बुद्धि है; धोखा खानेवाला और धोखा देनेवाला दोनों ही उसके हैं। वह मंत्रियों को लूटकर बंधुआई में ले जाता है, और न्यायियों को मूर्ख बना देता है। वह राजाओं द्वारा डाले गए बन्धनों को खोल देता है, और उन्हीं की कमर में लँगोटी बाँध देता है। वह याजकों को लूटकर बंधुआई में ले जाता है, और बहुत समय से स्थापित लोगों को गिरा देता है। वह विश्वासयोग्यों के होंठ बन्द कर देता है, और वृद्धों की समझ को हर लेता है। वह प्रधानों पर अपमान उंडेलता है, और बलवानों के बल को हर लेता है। वह गहरी बातों को अन्धकार में से प्रगट करता है, और घोर छाया को उजियाले में ले आता है। वह जातियों को बढ़ाता, फिर उन्हें नष्ट कर देता है; वह जातियों को फैलाता, फिर उन्हें बन्धुआई में ले जाता है। वह समझ को हर लेता है पृथ्वी के प्रधानों की, और उन्हें बंजर मरुभूमि में भटकाता फिरता है। वे बिना उजियाले के अन्धकार में टटोलते फिरते हैं, और वह उन्हें मतवाले मनुष्य के समान डगमगाता है।"

A young man reading the Father's Heart Bible print edition in a coffee shop अब छपाई में

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