पलिश्तीन पर परमपिता की तलवार गिरती है
47 1फ़िरौन के गाज़ा को मारने से पहले पलिश्तियों के विषय में हमारे परमपिता का वचन जो यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के पास पहुँचा।
2हमारे परमपिता यों कहते हैं: “देख, उत्तर दिशा से जल उठता है, और वह बाढ़ का सा प्रचंड धारा बन जाता है। वे देश और उसमें की हर वस्तु को, नगर और उसके निवासियों को डुबा देंगे। लोग चिल्ला उठेंगे, और देश के सब रहनेवाले हाहाकार करेंगे। 3उसके बलवन्त घोड़ों की टापों की आहट पर, उसके रथों की गड़गड़ाहट और पहियों की घड़घड़ाहट पर, पिता अपने बच्चों के लिये मुड़कर न देखेंगे, उनके हाथ ढीले पड़ जाएँगे, 4क्योंकि वह दिन आ रहा है जब सब पलिश्ती नाश किए जाएँगे, सोर और सीदोन में से नाश किया जाएगा हर एक बचे हुए सहायक का। क्योंकि हमारे परमपिता पलिश्तियों को नाश कर रहे हैं, अर्थात् कप्तोर के समुद्रतट के बचे हुओं को। 5गाज़ा शोक में अपना सिर मुँड़ाएगा; अश्कलोन चुप कर दिया जाएगा। हे उनकी तराई के बचे हुए लोगो, तुम कब तक अपने शरीर को चीरते रहोगे? 6हाय, हमारे परमपिता की तलवार! तू कब तक विश्राम न लेगी? अपनी म्यान में लौट जा; थम जा और शान्त हो जा। 7परन्तु वह कैसे विश्राम ले सकती है, जब हमारे परमपिता ने उसे आज्ञा दी है? अश्कलोन के विरुद्ध और समुद्रतट के विरुद्ध—उसी ओर उन्होंने उसे भेजा है।”