हमारे परमपिता शाऊल के द्वारा इस्राएल को छुड़ाते हैं
11 1तब अम्मोनी नाहाश ने चढ़ाई की और याबेश-गिलाद के विरुद्ध छावनी डाली। याबेश के सब लोगों ने नाहाश से कहा, “हमारे साथ वाचा बाँध, और हम तेरी सेवा करेंगे।”
2अम्मोनी नाहाश ने उत्तर दिया, “मैं तुम्हारे साथ इसी शर्त पर वाचा बाँधूँगा: कि मैं हर एक की दाहिनी आँख फोड़ डालूँ, और इस प्रकार समस्त इस्राएल पर कलंक लगाऊँ।”
3याबेश के पुरनियों ने उससे कहा, “हमें सात दिन का समय दे, कि हम इस्राएल के समस्त देश में दूत भेजें। यदि हमें कोई न बचाए, तो हम तेरे वश में हो जाएँगे।” 4दूत शाऊल के गिबा में पहुँचे, और लोगों को यह समाचार सुनाया, तब सब लोग ऊँचे स्वर से रोने लगे।
5उसी समय शाऊल अपने बैलों के पीछे-पीछे मैदान से चला आ रहा था। उसने पूछा, “लोगों को क्या हुआ है? वे क्यों रो रहे हैं?” तब उन्होंने उसे याबेश के लोगों का समाचार सुनाया। 6ये बातें सुनते ही हमारे पिता का आत्मा शाऊल पर बल से उतरा, और उसका क्रोध अत्यन्त भड़क उठा। 7उसने एक जोड़ी बैल लेकर उन्हें टुकड़े-टुकड़े कर डाला, और दूतों के हाथ इस्राएल के समस्त देश में यह कहला भेजा, “जो कोई शाऊल और शमूएल के पीछे होकर न निकले, उसके बैलों से भी ऐसा ही किया जाएगा।” तब हमारे परमपिता का भय लोगों पर छा गया, और वे एक मन होकर निकल आए। 8उसने बेजेक में उनकी गिनती ली: इस्राएली तीन लाख, और यहूदा के पुरुष तीस हज़ार थे। 9उन्होंने आए हुए दूतों से कहा, “याबेश-गिलाद के लोगों से यह कहना: कल धूप तेज़ होने तक तुम छुड़ा लिए जाओगे।” तब दूतों ने जाकर याबेश के लोगों को यह बताया, और वे आनन्दित हुए। 10तब याबेश के लोगों ने कहा, “कल हम तेरे वश में हो जाएँगे; और जो कुछ तुझे अच्छा लगे वही हमारे साथ करना।” 11दूसरे दिन शाऊल ने लोगों को तीन दलों में बाँटा। और भोर के पहर में वे छावनी के बीच में घुस गए, और दिन के तपने तक अम्मोनियों को मारते रहे; और जो बच गए वे ऐसे तितर-बितर हो गए कि उनमें से कोई दो एक संग न रह गए।
हमारे परमपिता के सामने राज्य का नवीकरण
12तब लोगों ने शमूएल से कहा, “वे कौन हैं जिन्होंने पूछा था, ‘क्या शाऊल हम पर राज्य करेगा?’ उन मनुष्यों को हमारे हाथ कर दे, कि हम उन्हें मार डालें।”
13परन्तु शाऊल ने कहा, “आज किसी को मार डाला न जाएगा, क्योंकि आज हमारे परमपिता ने इस्राएल का उद्धार किया है।”
14तब शमूएल ने लोगों से कहा, “आओ, हम गिलगाल को चलें, और वहाँ राज्य को नया करें।” 15तब सब लोग गिलगाल को गए, और वहाँ हमारे परमपिता के सामने शाऊल को राजा बनाया। वहाँ उन्होंने हमारे परमपिता के सामने मेलबलि चढ़ाई, और शाऊल और सब इस्राएली पुरुषों ने बड़ा आनन्द मनाया।