अब छपाई में

1 शमूएल 10 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

पितायीशुआत्मा
पहले ऑर्डर पर 15% की छूट →
पुस्तक

हमारे परमपिता शाऊल को शासक के रूप में अभिषिक्त करते हैं

शमूएल हमारे पिता के चुने हुए के रूप में शाऊल के सिर पर तेल उँडेलता है और उसे तीन चिन्ह देकर विदा करता है; आत्मा उस पर ज़ोर से उतरता है और वह भविष्यवाणी करता है। बाद में, जब सबके सामने चिट्ठी उसके नाम निकलती है, तो वह सामान के बीच छिपा मिलता है। कुछ लोग पूछते हैं कि यह आदमी किसी को कैसे बचाएगा।

अध्याय 10।

तब शमूएल ने तेल की कुप्पी लेकर शाऊल के सिर पर उंडेली, और उसे चूमकर कहा, “क्या हमारे परमपिता ने तुझे अपने निज भाग पर शासक होने के लिए अभिषिक्त नहीं किया? जब तू आज मेरे पास से विदा होगा, तब बिन्यामीन की सीमा में सेलसह के पास राहेल की कब्र के निकट तुझे दो मनुष्य मिलेंगे। वे तुझ से कहेंगे: ‘जिन गदहियों को तू ढूँढ़ने गया था वे मिल गई हैं; और अब तेरा पिता गदहियों की नहीं, परन्तु तुम्हारी चिन्ता करके कहता है, “मैं अपने पुत्र के लिये क्या करूँ?”’

वहाँ से आगे बढ़कर जब तू ताबोर के बांज वृक्ष के पास पहुँचेगा, तब तुझे तीन मनुष्य मिलेंगे जो बेतेल को हमारे परमपिता के पास चढ़ते जा रहे होंगे—एक तीन बकरी के बच्चे लिए, एक तीन रोटियाँ लिए, और एक दाखमधु का कुप्पा लिए। वे तेरा कुशल पूछेंगे और तुझे दो रोटियाँ देंगे, जिन्हें तू उनके हाथ से ले लेना।

इसके बाद तू हमारे परमपिता के गिबा को पहुँचेगा, जहाँ पलिश्तियों की चौकी है; और जब तू नगर में प्रवेश करेगा, तब तुझे भविष्यद्वक्ताओं का एक दल मिलेगा जो ऊँचे स्थान से उतरता आ रहा होगा, और उनके आगे-आगे सारंगी, डफ, बाँसुरी और वीणा बजती होंगी, और वे भविष्यद्वाणी करते होंगे। तब हमारे पिता का आत्मा तुझ पर बल से उतरेगा, और तू उनके संग भविष्यद्वाणी करेगा, और दूसरा मनुष्य बन जाएगा। जब ये चिन्ह तुझ पर घटित हों, तब जो कुछ तेरे हाथ लगे वही करना, क्योंकि हमारे परमपिता तेरे संग हैं। तू मुझ से पहले गिलगाल को उतर जाना। और मैं निश्चय तेरे पास आऊँगा कि होमबलि चढ़ाऊँ और मेलबलि के बलिदान करूँ। जब तक मैं तेरे पास आकर तुझे न बताऊँ कि तुझे क्या करना है, तब तक सात दिन बाट जोहते रहना।”

परमपिता के चिन्ह पूरे होते हैं

और ज्योंही शाऊल शमूएल के पास से मुड़ा, त्योंही हमारे परमपिता ने उसका हृदय बदल दिया, और वे सब चिन्ह उसी दिन घटित हुए। जब वे गिबा को पहुँचे, तब भविष्यद्वक्ताओं का एक दल उसे मिला; और हमारे पिता का आत्मा उस पर बल से उतरा, और वह उनके बीच भविष्यद्वाणी करने लगा। और जितने उसे पहले से जानते थे, उन्होंने जब उसे भविष्यद्वक्ताओं के संग भविष्यद्वाणी करते देखा, तब वे आपस में कहने लगे, “कीश के पुत्र को यह क्या हो गया? क्या शाऊल भी भविष्यद्वक्ताओं में से है?”

वहाँ के एक जन ने कहा, “उनका पिता कौन है?” इसी से यह कहावत चल पड़ी: “क्या शाऊल भी भविष्यद्वक्ताओं में से है?” a a v12 “उनका पिता कौन है?” यह प्रश्न इस बात की ओर संकेत करता है कि भविष्यद्वक्ताओं को किसी विशेष वंश की आवश्यकता नहीं—कोई भी आत्मा को पा सकता है। जब वह भविष्यद्वाणी कर चुका, तब वह ऊँचे स्थान पर चला गया।

तब शाऊल के चाचा ने उससे और उसके सेवक से पूछा, “तुम कहाँ गए थे?” उसने कहा, “गदहियों को ढूँढ़ने गए थे। और जब हमने देखा कि वे कहीं नहीं हैं, तब हम शमूएल के पास गए।”

शाऊल के चाचा ने कहा, “मुझे तो बता, शमूएल ने तुम से क्या कहा।”

शाऊल ने अपने चाचा से कहा, “उसने हमें निश्चय के साथ बता दिया कि गदहियाँ मिल गई हैं।” परन्तु राज्य के विषय में जो शमूएल ने कहा था, वह शाऊल ने अपने चाचा को न बताया।

परमपिता अपने चुने हुए राजा को प्रकट करते हैं

इसके बाद शमूएल ने प्रजा को मिस्पा में हमारे परमपिता के पास बुलवाया,

और इस्राएलियों से कहा, “इस्राएल के हमारे परमपिता यों कहते हैं: ‘मैं ही इस्राएल को मिस्र से निकाल लाया, और मैं ने तुम्हें मिस्रियों के हाथ से और उन सब राज्यों के हाथ से जो तुम पर अन्धेर करते थे, छुड़ाया।’

परन्तु आज तुम ने अपने परमपिता को तुच्छ जाना है, जो स्वयं तुम्हें तुम्हारी सारी विपत्तियों और संकटों से बचाते हैं; और तुम ने उनसे कहा, ‘नहीं—हम पर एक राजा ठहरा दे।’ अब तुम अपने-अपने गोत्र और कुल के अनुसार हमारे परमपिता के सम्मुख उपस्थित हो जाओ।” b b v19 मनुष्य राजा की इस्राएल की माँग मूल रूप से उन पर अपने परमपिता के अपने प्रेममय राज्य का ही तिरस्कार थी।

तब शमूएल ने इस्राएल के सारे गोत्रों को समीप बुलाया, और चिट्ठी बिन्यामीन के गोत्र के नाम पर निकली। फिर उसने बिन्यामीन के गोत्र को कुल-कुल करके समीप बुलाया, और चिट्ठी मत्री के कुल के नाम पर निकली, और अन्त में कीश का पुत्र शाऊल चुन लिया गया। परन्तु जब वे उसे ढूँढ़ने लगे, तब वह न मिला।

इसलिए उन्होंने हमारे परमपिता से फिर पूछा, “क्या वह मनुष्य अब तक यहाँ आया है?” और हमारे परमपिता ने कहा, “सुनो, वह सामान के बीच छिपा हुआ है।”

तब वे दौड़कर उसे वहाँ से ले आए। और जब वह प्रजा के बीच खड़ा हुआ, तब वह कंधे से ऊपर सब लोगों से लम्बा था। और शमूएल ने सारी प्रजा से कहा, “क्या तुम उसे देखते हो जिसे हमारे परमपिता ने चुन लिया है? सारी प्रजा में कोई उसके समान नहीं।” तब सारी प्रजा जयजयकार करके बोल उठी, “राजा चिरंजीव रहे!”

तब शमूएल ने प्रजा को राज्य के नियम बताए, और उन्हें एक पुस्तक में लिखकर हमारे परमपिता के सम्मुख रख दिया। इसके बाद शमूएल ने सारी प्रजा को अपने-अपने घर विदा किया। शाऊल भी अपने घर गिबा को चला गया, और उसके संग वे वीर पुरुष गए जिनके हृदयों को हमारे परमपिता ने छू लिया था। परन्तु कुछ नीच मनुष्यों ने कहा, “यह मनुष्य हमें कैसे बचाएगा?” उन्होंने उसका तिरस्कार किया और उसके लिये कोई भेंट न लाए। परन्तु शाऊल चुप रहा।