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1 राजा 1 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

पितायीशुआत्मा
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पुस्तक

दाऊद बूढ़ा और निर्बल हो जाता है

सुलैमान के मंदिर की महिमा एक बँटे हुए राज्य और उसका सामना करने वाले भविष्यद्वक्ताओं में बदल जाती है। तूफ़ान के बाद की शांति में, हमारे पिता स्वयं को आँधी या आग में नहीं, बल्कि एक धीमी फुसफुसाहट में प्रकट करते हैं।

अध्याय 1।

राजा दाऊद बूढ़ा और बहुत वृद्ध हो गया था। यद्यपि वे उसे कपड़ों से ढाँप देते थे, तौभी वह गरम न होता था। उसके सेवकों ने उससे कहा, “हमारे स्वामी राजा के लिए कोई जवान कुँवारी ढूँढ़ी जाए, जो राजा की सेवा-टहल और देखभाल करे। वह आपकी गोद में लेटे, जिससे हमारे स्वामी राजा गरम रहें।” उन्होंने समस्त इस्राएल में एक सुन्दर जवान स्त्री की खोज की, और शूनेमिन अबीशग को पाकर उसे राजा के पास ले आए। वह जवान स्त्री अत्यन्त सुन्दर थी। वह राजा की देखभाल करने लगी और उसकी सेवा करती रही, परन्तु राजा ने उससे सहवास न किया।

अदोनिय्याह राजगद्दी हथियाने का प्रयास करता है

हग्गीत के पुत्र अदोनिय्याह ने यह कहकर अपने आप को बढ़ाया, “मैं राजा बनूँगा,” और उसने रथ, सवार, और अपने आगे-आगे दौड़ने के लिए पचास पुरुष रख लिए। उसके पिता ने कभी भी यह पूछकर उसे नहीं झिड़का, “तूने ऐसा क्यों किया?” वह भी बहुत सुन्दर था, और अबशालोम के बाद उत्पन्न हुआ था। उसने सरूयाह के पुत्र योआब और एब्यातार याजक से सम्मति की, और उन्होंने अदोनिय्याह का समर्थन करके उसकी सहायता की। परन्तु सादोक याजक, यहोयादा का पुत्र बनायाह, नातान भविष्यद्वक्ता, शिमी, रेई, और दाऊद के वीर योद्धा अदोनिय्याह के साथ न थे।

अदोनिय्याह ने एनरोगेल के निकट जोहेलेत नामक पत्थर के पास भेड़, बैल, और पले हुए पशु बलि किए, और अपने सब भाइयों अर्थात् राजा के पुत्रों को, और यहूदा के सब राजकीय अधिकारियों को न्योता दिया। परन्तु उसने नातान भविष्यद्वक्ता, बनायाह, वीर योद्धाओं, या अपने भाई सुलैमान को न्योता न दिया।

तब नातान ने सुलैमान की माता बतशेबा से पूछा, “क्या तूने नहीं सुना कि हग्गीत का पुत्र अदोनिय्याह राजा बन बैठा है, और हमारे स्वामी दाऊद को इसका पता ही नहीं? अब आ, मैं तुझे सम्मति देता हूँ, कि तू अपना और अपने पुत्र सुलैमान का प्राण बचा सके। तुरन्त राजा दाऊद के पास जाकर कह, ‘हे मेरे स्वामी राजा, क्या आपने अपनी दासी से शपथ खाकर नहीं कहा था, “तेरा पुत्र सुलैमान मेरे बाद राज्य करेगा, और वही मेरी राजगद्दी पर बैठेगा”? फिर अदोनिय्याह क्यों राजा बन बैठा है?’ जब तू वहाँ राजा से बातें कर ही रही होगी, तब मैं तेरे पीछे भीतर आकर तेरी बातों की पुष्टि करूँगा।”

तब बतशेबा राजा के पास उसकी कोठरी में गई—राजा तो बहुत बूढ़ा हो चुका था, और शूनेमिन अबीशग उसकी सेवा कर रही थी। बतशेबा ने झुककर राजा को दण्डवत् किया, और राजा ने पूछा, “तू क्या चाहती है?”

उसने उससे कहा, “हे मेरे स्वामी, आपने स्वयं अपने परमपिता की शपथ खाकर अपनी दासी से कहा था, ‘तेरा पुत्र सुलैमान मेरे बाद राज्य करेगा और मेरी राजगद्दी पर बैठेगा।’ परन्तु अब अदोनिय्याह राजा बन बैठा है, और हे मेरे स्वामी राजा, आपको इसका पता ही नहीं। उसने बहुत से बैल, पले हुए पशु, और भेड़ें बलि की हैं, और राजा के सब पुत्रों को, एब्यातार याजक को, और सेनापति योआब को न्योता दिया है, परन्तु आपके दास सुलैमान को नहीं। हे मेरे स्वामी राजा, समस्त इस्राएल की आँखें आप पर लगी हैं, कि आप उन्हें बताएँ कि मेरे स्वामी राजा के बाद उनकी राजगद्दी पर कौन बैठेगा। नहीं तो ऐसा होगा कि जब मेरे स्वामी राजा अपने पितरों के साथ सो जाएँगे, तब मैं और मेरा पुत्र सुलैमान अपराधी ठहराए जाएँगे।”

वह राजा से बातें कर ही रही थी, कि नातान भविष्यद्वक्ता आ पहुँचा। उन्होंने राजा को बताया, “नातान भविष्यद्वक्ता आया है।” वह भीतर आकर मुँह के बल भूमि पर गिरकर राजा को दण्डवत् किया।

नातान ने कहा, “हे मेरे स्वामी राजा, क्या आपने कहा है, ‘अदोनिय्याह मेरे बाद राज्य करेगा और मेरी राजगद्दी पर बैठेगा’? क्योंकि आज उसने जाकर बहुत से बैल, पले हुए पशु, और भेड़ें बलि की हैं, और राजा के सब पुत्रों, सेनापतियों, और एब्यातार याजक को न्योता दिया है। वे उसके सामने खाते-पीते और यह पुकारते हैं, ‘राजा अदोनिय्याह चिरंजीवी रहे!’ परन्तु मुझ आपके दास को, सादोक याजक को, यहोयादा के पुत्र बनायाह को, और आपके दास सुलैमान को—अदोनिय्याह ने न्योता नहीं दिया। क्या यह काम मेरे स्वामी राजा की ओर से हुआ है, और आपने अपने दासों को नहीं बताया कि आपके बाद आपकी राजगद्दी पर कौन बैठेगा?”

दाऊद शपथ खाता है कि सुलैमान राज्य करेगा

तब राजा दाऊद ने उत्तर दिया, “बतशेबा को मेरे पास बुलाओ।” वह राजा के सामने आकर उसके सम्मुख खड़ी हुई। तब राजा ने शपथ खाई, “हमारे परमपिता के जीवन की शपथ, जिसने मेरे प्राण को हर संकट से छुड़ाया है, जैसा मैंने हमारे परमपिता, इस्राएल के परमेश्वर की शपथ खाकर तुझ से कहा था, कि तेरा पुत्र सुलैमान मेरे बाद राज्य करेगा और मेरे स्थान पर मेरी राजगद्दी पर बैठेगा, वैसा ही मैं आज करूँगा।”

तब बतशेबा ने मुँह के बल भूमि पर गिरकर राजा को दण्डवत् किया, और कहा, “मेरे स्वामी राजा दाऊद सदा जीवित रहें!”

फिर राजा दाऊद ने कहा, “सादोक याजक, नातान भविष्यद्वक्ता, और यहोयादा के पुत्र बनायाह को मेरे पास बुलाओ।” वे राजा के सामने आए। राजा ने उनसे कहा, “अपने स्वामी के सेवकों को साथ लेकर, मेरे पुत्र सुलैमान को मेरे निज खच्चर पर चढ़ाओ, और उसे गीहोन को ले जाओ। वहाँ सादोक याजक और नातान भविष्यद्वक्ता उसका इस्राएल के राजा होने के लिए अभिषेक करें; और तुरही फूँककर पुकारो, ‘राजा सुलैमान चिरंजीवी रहे!’ तब तुम उसके पीछे-पीछे ऊपर आना, और वह आकर मेरी राजगद्दी पर बैठे, और वही मेरे स्थान पर राज्य करेगा; क्योंकि मैंने उसी को इस्राएल और यहूदा का प्रधान ठहराया है।”

यहोयादा के पुत्र बनायाह ने राजा को उत्तर दिया, “आमीन! हमारे परमपिता, मेरे स्वामी राजा के परमेश्वर, इसकी पुष्टि करें। जैसे हमारे परमपिता मेरे स्वामी राजा के संग रहे, वैसे ही वे सुलैमान के भी संग रहें, और उसकी राजगद्दी को मेरे स्वामी राजा दाऊद की राजगद्दी से भी बड़ा करें।”

तब सादोक याजक, नातान भविष्यद्वक्ता, यहोयादा का पुत्र बनायाह, और करेती और पलेती लोग नीचे गए, और सुलैमान को राजा दाऊद के खच्चर पर चढ़ाकर गीहोन को ले गए। सादोक याजक ने तम्बू में से तेल का सींग लेकर सुलैमान का अभिषेक किया। तब उन्होंने तुरही फूँकी, और सब लोग पुकार उठे, “राजा सुलैमान चिरंजीवी रहे!”

फिर सब लोग बाँसुरी बजाते और अत्यन्त आनन्द करते हुए उसके पीछे-पीछे ऊपर गए, और उनके शब्द से भूमि मानो फट गई।

अदोनिय्याह और उसके सब अतिथियों ने भोजन समाप्त करते समय यह सुना। तुरही का शब्द सुनकर योआब ने पूछा, “नगर में यह हलचल क्यों मच रही है?”

वह कह ही रहा था कि एब्यातार याजक का पुत्र योनातान आ पहुँचा। अदोनिय्याह ने कहा, “भीतर आ—तू तो भला पुरुष है, और निश्चय ही अच्छा समाचार लाया होगा।”

योनातान ने अदोनिय्याह को उत्तर दिया, “नहीं—हमारे स्वामी राजा दाऊद ने तो सुलैमान को राजा बना दिया है। राजा ने उसके साथ सादोक याजक, नातान भविष्यद्वक्ता, यहोयादा के पुत्र बनायाह, और करेती और पलेती लोगों को भेजा; और उन्होंने उसे राजा के खच्चर पर चढ़ाया। सादोक याजक और नातान भविष्यद्वक्ता ने गीहोन में उसका राजा होने के लिए अभिषेक किया, और वहाँ से आनन्द मनाते हुए ऊपर आए; और सारा नगर गूँज उठा—यही वह शब्द है जो तुमने सुना। इतना ही नहीं, सुलैमान राजगद्दी पर विराजमान भी हो चुका है। फिर राजा के सेवक भी हमारे स्वामी राजा दाऊद को बधाई देने आए, ‘आपके परमपिता सुलैमान का नाम आपके नाम से भी बड़ा करें, और उसकी राजगद्दी आपकी राजगद्दी से भी बड़ी करें।’ तब राजा ने अपनी खाट पर झुककर दण्डवत् किया। राजा ने यह भी कहा, ‘हमारे परमपिता, इस्राएल के परमेश्वर धन्य हैं, जिसने आज मेरी राजगद्दी पर बैठने के लिए एक जन दिया है, और मेरी अपनी आँखें इसे देख रही हैं।’”

तब अदोनिय्याह के सब अतिथि भयभीत हो गए। वे उठकर तितर-बितर हो गए, और हर एक अपने-अपने मार्ग चला गया। परन्तु अदोनिय्याह सुलैमान से डरकर उठा, और जाकर वेदी के सींगों को पकड़ लिया। a a v50 वेदी के निकले हुए कोनों को पकड़ना प्राचीन काल में शरण माँगने की रीति थी—प्राणदण्ड से बचने के लिए दया और सुरक्षा की व्याकुल गुहार। सुलैमान को बताया गया, “अदोनिय्याह आपसे डरता है, और उसने वेदी के सींगों को पकड़ लिया है, और कहता है, ‘पहले राजा सुलैमान मुझ से शपथ खाएँ कि वे अपने दास को तलवार से न मारेंगे।’”

सुलैमान ने कहा, “यदि वह भला पुरुष निकले, तो उसका एक बाल भी भूमि पर न गिरेगा; परन्तु यदि उसमें बुराई पाई जाए, तो वह मारा जाएगा।”

तब राजा सुलैमान ने दूत भेजकर उसे वेदी पर से नीचे उतरवाया। वह आकर राजा सुलैमान को दण्डवत् किया, और सुलैमान ने कहा, “अपने घर जा।”