हमारे परमपिता दाऊद का घराना स्थिर करते हैं
हीराम दाऊद के लिए महल बनाता है, उसका परिवार बढ़ता है, और पलिश्ती नए अभिषिक्त राजा को ढूँढ़ने निकलते हैं। दो बार दाऊद पहले हमारे पिता से पूछता है; दो बार उसे उत्तर मिलता है, और दूसरी बार कहा जाता है कि पेड़ों की चोटियों में कूच की आहट सुनने तक ठहरा रह।
14 1सोर के राजा हीराम ने दाऊद के पास दूत भेजे, और उनके साथ देवदार की लकड़ियाँ, राजमिस्त्री और बढ़ई भेजे, कि वे उसके लिये एक घर बनाएँ। 2दाऊद ने जान लिया कि हमारे परमपिता ने उसे इस्राएल पर राजा ठहराया है, क्योंकि उसका राज्य अपनी प्रजा इस्राएल के निमित्त बहुत ऊँचा किया गया था।
3दाऊद ने यरूशलेम में और स्त्रियाँ ब्याह लीं, और उसके और भी बेटे-बेटियाँ उत्पन्न हुए। 4यरूशलेम में उससे जो सन्तान उत्पन्न हुई, उनके नाम ये हैं: शम्मू, शोबाब, नातान और सुलैमान, 5यिभार, एलीशू, एलपेलेत, 6नोगह, नेपेग, यापी, 7एलीशामा, बेल्यादा और एलीपेलेत।
हमारे परमपिता पलिश्तियों को तोड़ डालते हैं
8जब पलिश्तियों ने सुना कि दाऊद सारे इस्राएल पर राजा होने के लिये अभिषिक्त किया गया है, तब वे सब दाऊद की खोज में चढ़ आए। यह सुनकर दाऊद उनका सामना करने को निकल पड़ा। 9पलिश्ती आकर रपाईम नामक तराई में लूटमार करने लगे थे।
10तब दाऊद ने हमारे परमपिता से पूछा, “क्या मैं पलिश्तियों पर चढ़ाई करूँ? क्या तू उन्हें मेरे हाथ में कर देगा?” हमारे परमपिता ने उससे कहा, “चढ़ाई कर, क्योंकि मैं उन्हें तेरे हाथ में कर दूँगा।”
11तब वे बालपरासीम को गए, और दाऊद ने उन्हें वहीं मारा। दाऊद ने कहा, “हमारे परमपिता ने मेरे हाथ से मेरे शत्रुओं को ऐसे तोड़ डाला जैसे बाढ़ का पानी तोड़ डालता है।” इसी कारण उन्होंने उस स्थान का नाम बालपरासीम रखा। a a v11 बालपरासीम का अर्थ है “वह प्रभु जो तोड़कर फूट निकलता है।” 12पलिश्ती अपने देवताओं को वहीं छोड़ गए, और दाऊद की आज्ञा से वे जला दिए गए।
13पलिश्तियों ने एक बार फिर उस तराई में लूटमार की।
14तब दाऊद ने फिर हमारे परमपिता से पूछा, और हमारे परमपिता ने कहा, “उनके पीछे चढ़ाई न कर। उन्हें घेरकर बालसान के वृक्षों के सामने की ओर से उन पर आक्रमण कर। 15और जब तुझे बालसान के वृक्षों की फुनगियों में कूच की आहट सुनाई दे, तब युद्ध करने को निकल पड़ना—क्योंकि पलिश्ती सेना को मारने के लिये तेरे पिता तेरे आगे-आगे निकल चुके हैं।”
16दाऊद ने वैसा ही किया जैसा हमारे परमपिता ने उसे आज्ञा दी थी, और उन्होंने गिबोन से लेकर गेजेर तक पलिश्ती सेना को मारा। 17और दाऊद की कीर्ति सब देशों में फैल गई, और हमारे परमपिता ने सब जातियों के मन में उसका भय उत्पन्न कर दिया।