इस्राएल हमारे परमपिता को ढूँढ़ने का निश्चय करता है
दाऊद सबसे सलाह लेता है और हमारे पिता के उपेक्षित सन्दूक को एक नई गाड़ी पर ले चलता है। जब बैल ठोकर खाते हैं और उज्जा उसे सम्भालता है, वह वहीं मर जाता है। दाऊद पहले क्रोधित होता है, फिर डर जाता है, और सन्दूक ओबेद-एदोम के घर रख दिया जाता है — जहाँ उसके घराने को आशीष मिलती है।
13 1दाऊद ने हज़ारों और सैकड़ों के सेनापतियों से, अर्थात् हर एक प्रधान से सम्मति ली। 2और दाऊद ने इस्राएल की सारी सभा से कहा, “यदि तुम्हें अच्छा लगे, और यदि यह हमारे परमपिता की ओर से हो, तो आओ हम इस्राएल के सब देशों में अपने बचे हुए भाइयों के पास, और उनके साथ उनके नगरों और चराइयों में रहनेवाले याजकों और लेवियों के पास भी दूर-दूर तक यह संदेश भेजें, कि वे हमारे पास इकट्ठे हो जाएँ। 3और आओ हम अपने परमपिता का संदूक अपने पास लौटा लाएँ, क्योंकि शाऊल के दिनों में हमने उसकी सुधि न ली।”
4और सारी सभा ने ऐसा ही करने को कहा, क्योंकि यह बात सारी प्रजा की दृष्टि में ठीक जान पड़ी।
5तब दाऊद ने मिस्र की शीहोर नदी से लेकर हमात की घाटी तक के सारे इस्राएल को इकट्ठा किया, कि हमारे परमपिता का संदूक किर्यत्यारीम से ले आए।
6और दाऊद सारे इस्राएल समेत बाला को, अर्थात् यहूदा के किर्यत्यारीम को गया, कि वहाँ से हमारे परमपिता का संदूक ले आए, जो करूबों के ऊपर विराजमान है, और जहाँ उसका नाम पुकारा जाता है। 7और उन्होंने हमारे परमपिता का संदूक अबीनादाब के घर से एक नई गाड़ी पर रखकर उठाया; और उज्जा और अह्यो उस गाड़ी को हाँकते थे। 8और दाऊद और सारा इस्राएल हमारे परमपिता के सामने अपने सारे बल से आनन्द करते हुए गीत गाते, और वीणा, सारंगी, डफ, झाँझ और तुरहियाँ बजाते जाते थे।
9जब वे कीदोन के खलिहान तक पहुँचे, तब उज्जा ने संदूक थामने के लिये अपना हाथ बढ़ाया, क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई थी। 10तब हमारे परमपिता का कोप उज्जा पर भड़का, और उसने उसे इसलिये मार डाला कि उसने संदूक की ओर अपना हाथ बढ़ाया था; और वह वहीं हमारे परमपिता के सामने मर गया। 11और दाऊद अप्रसन्न हुआ, इसलिये कि हमारे परमपिता का कोप उज्जा पर टूट पड़ा था; और उस स्थान का नाम आज तक पेरेस-उज्जा पड़ा है। 12और दाऊद उस दिन हमारे परमपिता से डरकर कहने लगा, “मैं हमारे परमपिता का संदूक अपने यहाँ कैसे ले आऊँ?” 13इसलिये दाऊद संदूक को अपने पास दाऊदपुर में न लाया, परन्तु उसे एक ओर गती ओबेदेदोम के घर पहुँचा दिया। 14और हमारे परमपिता का संदूक ओबेदेदोम के घराने के पास उसके घर में तीन महीने तक रहा, और हमारे परमपिता ने ओबेदेदोम के घराने पर और उसकी सारी सम्पत्ति पर आशीष दी।