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1 इतिहास 13 FHB पिता के हृदय की बाइबिल™

पितायीशुआत्मा
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पुस्तक

इस्राएल हमारे परमपिता को ढूँढ़ने का निश्चय करता है

दाऊद सबसे सलाह लेता है और हमारे पिता के उपेक्षित सन्दूक को एक नई गाड़ी पर ले चलता है। जब बैल ठोकर खाते हैं और उज्जा उसे सम्भालता है, वह वहीं मर जाता है। दाऊद पहले क्रोधित होता है, फिर डर जाता है, और सन्दूक ओबेद-एदोम के घर रख दिया जाता है — जहाँ उसके घराने को आशीष मिलती है।

अध्याय 13।

दाऊद ने हज़ारों और सैकड़ों के सेनापतियों से, अर्थात् हर एक प्रधान से सम्मति ली। और दाऊद ने इस्राएल की सारी सभा से कहा, “यदि तुम्हें अच्छा लगे, और यदि यह हमारे परमपिता की ओर से हो, तो आओ हम इस्राएल के सब देशों में अपने बचे हुए भाइयों के पास, और उनके साथ उनके नगरों और चराइयों में रहनेवाले याजकों और लेवियों के पास भी दूर-दूर तक यह संदेश भेजें, कि वे हमारे पास इकट्ठे हो जाएँ। और आओ हम अपने परमपिता का संदूक अपने पास लौटा लाएँ, क्योंकि शाऊल के दिनों में हमने उसकी सुधि न ली।”

और सारी सभा ने ऐसा ही करने को कहा, क्योंकि यह बात सारी प्रजा की दृष्टि में ठीक जान पड़ी।

तब दाऊद ने मिस्र की शीहोर नदी से लेकर हमात की घाटी तक के सारे इस्राएल को इकट्ठा किया, कि हमारे परमपिता का संदूक किर्यत्यारीम से ले आए।

और दाऊद सारे इस्राएल समेत बाला को, अर्थात् यहूदा के किर्यत्यारीम को गया, कि वहाँ से हमारे परमपिता का संदूक ले आए, जो करूबों के ऊपर विराजमान है, और जहाँ उसका नाम पुकारा जाता है। और उन्होंने हमारे परमपिता का संदूक अबीनादाब के घर से एक नई गाड़ी पर रखकर उठाया; और उज्जा और अह्यो उस गाड़ी को हाँकते थे। और दाऊद और सारा इस्राएल हमारे परमपिता के सामने अपने सारे बल से आनन्द करते हुए गीत गाते, और वीणा, सारंगी, डफ, झाँझ और तुरहियाँ बजाते जाते थे।

जब वे कीदोन के खलिहान तक पहुँचे, तब उज्जा ने संदूक थामने के लिये अपना हाथ बढ़ाया, क्योंकि बैलों ने ठोकर खाई थी। तब हमारे परमपिता का कोप उज्जा पर भड़का, और उसने उसे इसलिये मार डाला कि उसने संदूक की ओर अपना हाथ बढ़ाया था; और वह वहीं हमारे परमपिता के सामने मर गया। और दाऊद अप्रसन्न हुआ, इसलिये कि हमारे परमपिता का कोप उज्जा पर टूट पड़ा था; और उस स्थान का नाम आज तक पेरेस-उज्जा पड़ा है। और दाऊद उस दिन हमारे परमपिता से डरकर कहने लगा, “मैं हमारे परमपिता का संदूक अपने यहाँ कैसे ले आऊँ?” इसलिये दाऊद संदूक को अपने पास दाऊदपुर में न लाया, परन्तु उसे एक ओर गती ओबेदेदोम के घर पहुँचा दिया। और हमारे परमपिता का संदूक ओबेदेदोम के घराने के पास उसके घर में तीन महीने तक रहा, और हमारे परमपिता ने ओबेदेदोम के घराने पर और उसकी सारी सम्पत्ति पर आशीष दी।